➤ करीब 200 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल लाइन को नैरोगेज से ब्रॉडगेज में बदलने की तैयारी तेज
➤ उत्तर रेलवे ने ट्रैफिक स्टडी सर्वे शुरू किया, उद्योगों, टोल प्लाजा, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों से जुटाए जाएंगे आंकड़े
➤ परियोजना पूरी होने पर हिमाचल और पंजाब में पर्यटन, व्यापार और माल ढुलाई को मिलेगा बड़ा फायदा
हिमाचल प्रदेश और पंजाब को जोड़ने वाली ऐतिहासिक पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल लाइन के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर रेलवे ने इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग को नैरोगेज (छोटी लाइन) से ब्रॉडगेज (बड़ी लाइन) में बदलने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
करीब 200 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन को लंबे समय से ब्रॉडगेज में बदलने की मांग उठती रही है। अब रेल मंत्रालय से फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी मिलने के बाद परियोजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। चंडीगढ़ स्थित उप-मुख्य अभियंता (निर्माण) कार्यालय इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है।
परियोजना की व्यवहारिकता और आर्थिक लाभ का आकलन करने के लिए ट्रैफिक स्टडी सर्वे शुरू किया गया है। इसके तहत पिछले एक से पांच वर्षों के दौरान क्षेत्र में यात्री संख्या, माल ढुलाई, सड़क परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों से संबंधित आंकड़े जुटाए जाएंगे।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर होगा आकलन
रेलवे सिर्फ वर्तमान स्थिति ही नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ने वाली यात्री संख्या और औद्योगिक गतिविधियों को भी ध्यान में रखकर योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ब्रॉडगेज बनने के बाद यह रेल लाइन क्षेत्र के विकास की रीढ़ बन सके।
उत्तर रेलवे ने इस तकनीकी सर्वे का जिम्मा मेसर्स एल. एन. मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा है। रेलवे की विशेष टीम विभिन्न क्षेत्रों में जाकर आवश्यक जानकारी एकत्र कर रही है। स्थानीय प्रशासन, उद्योगपतियों और संबंधित संस्थानों से भी सहयोग मांगा गया है।
इन औद्योगिक क्षेत्रों पर रहेगी खास नजर
रेलवे की सर्वे टीम कांगड़ा, जवाली, जोगिंदर नगर और पठानकोट के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, गोदामों और इंडस्ट्रियल पार्कों का दौरा करेगी। यहां वर्तमान उत्पादन, माल ढुलाई और भविष्य की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा।
इस परियोजना से स्थानीय उद्योगों को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है। माल परिवहन की लागत कम होगी और उत्पादों को देश के अन्य हिस्सों तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा।
सर्वे में जुटाया जाएगा यह महत्वपूर्ण डेटा
रेलवे द्वारा किए जा रहे सर्वे में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है—
- टोल प्लाजा से वाहनों की संख्या और रूट संबंधी जानकारी
- बस अड्डों से यात्री आवागमन और टिकट बिक्री का रिकॉर्ड
- पेट्रोल पंपों से ईंधन खपत का डेटा
- रेलवे स्टेशनों से यात्री और माल ढुलाई के आंकड़े
- एयरपोर्ट से हवाई यातायात की जानकारी
- औद्योगिक क्षेत्रों से उत्पादन और परिवहन संबंधी आंकड़े
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रॉडगेज परियोजना पूरी होने के बाद कांगड़ा घाटी और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को नई गति मिलेगी। यात्रियों को बेहतर, तेज और सुविधाजनक रेल सेवाएं मिलेंगी। साथ ही व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल लाइन को हिमाचल की जीवनरेखा माना जाता है। ऐसे में इसका ब्रॉडगेज में रूपांतरण प्रदेश के विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।



