-
पिपलू मेला समापन समारोह में बिखरी हिमाचली लोक-संस्कृति की अद्भुत छटा
-
आर.एस. बाली ने कहा, “हिमाचल की आत्मा है इसकी संस्कृति”, मेलों को मिलेगा सरकारी सहयोग
-
विधायक विवेक शर्मा बोले, “यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव का प्रतीक”
बंगाणा, ज्योति स्याल। हिमाचल प्रदेश की गौरवशाली लोक-संस्कृति और जन आस्था का प्रतीक पिपलू मेला इस वर्ष भी श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक भव्यता के साथ संपन्न हुआ। हजारों श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में यह आयोजन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि जन-आत्मा से जुड़ा सांस्कृतिक स्नान बन गया।
मेले के समापन समारोह में राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री रैंक) आर.एस. बाली ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि हिमाचल की संस्कृति इसकी आत्मा है, और इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ती है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार ऐसे आयोजनों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी और कुटलैहड़ को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने भी आयोजन में भाग लिया और कहा कि पिपलू मेला केवल एक पर्व नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना की जीवंत अभिव्यक्ति है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन, पंचायतों और आयोजन समिति का आभार जताया और कहा कि यह मेला सामाजिक समरसता और सौहार्द्र का आदर्श उदाहरण है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रसिद्ध लोक कलाकारों जैसे मोहित गर्ग, राखी गौतम और अन्य ने पारंपरिक नृत्य, गायन और लोक कलाओं की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों ने हिमाचल की विविध सांस्कृतिक झांकियों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के अंत में विधायक विवेक शर्मा ने सभी कलाकारों और प्रतिभागियों को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डॉ. विजय डोगरा, प्रदेश कांग्रेस सचिव देशराज मौदगिल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राम आसरा, कार्यकारी अध्यक्ष विवेक मिंका, जिला परिषद सदस्य सत्या देवी, पंचायत प्रधान महेन्द्र सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कुटलैहड़ में मंच से सुक्खू ने की विधायक विवेक शर्मा की तारीफ
कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय पीपलू मेले का भव्य समापन उस समय ऐतिहासिक बन गया, जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बंगाणा पहुंच कर विधायक विवेक शर्मा को मंच से शाबाशी देकर कुटलैहड़ का मान बढ़ाया है। बही मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की और विधायक विवेक शर्मा के प्रयासों की खुले मंच से सराहना की। उन्होंने कहा कि विवेक शर्मा ने जिस संजीदगी और समर्पण भाव से कुटलैहड़ क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी है, वह सराहनीय है। सीएम सुक्खू ने यह भी ऐलान किया कि विधायक द्वारा रखी गई सभी विकास संबंधी मांगों को राज्य सरकार शीघ्र पूरा करेगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुटलैहड़ क्षेत्र के लिए कुल 181 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में सड़कें, पेयजल योजनाएं, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा संस्थान, सिंचाई परियोजनाएं और सामुदायिक केंद्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य विकास को गांव-गांव तक पहुंचाना है। “हम केवल घोषणाएं नहीं करते, हम धरातल पर काम करते हैं। कुटलैहड़ क्षेत्र में जो विकासात्मक मांगें विधायक विवेक शर्मा ने रखी हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाएगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि मेले के दूसरे दिन रेस्ट हाउस से भलेती तक एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसका नेतृत्व स्वयं मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया। यह शोभायात्रा नशा मुक्त समाज, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक संदेशों को लेकर आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की युवा पीढ़ी को नशे से बचाना, बेटियों को शिक्षित करना और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। आज की यह शोभायात्रा केवल परंपरा नहीं, एक सामाजिक परिवर्तन की ओर कदम है।
विधायक विवेक शर्मा को मुख्यमंत्री की पीठ थपथपाई
मुख्यमंत्री सुक्खू ने मंच से विधायक विवेक शर्मा की कार्यशैली और जनसेवा के जज्बे की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने कुटलैहड़ की तस्वीर बदलने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। “विवेक शर्मा एक कर्मठ जनसेवक हैं। उनकी मांगों में जनता की आवाज है और उनकी योजनाओं में विकास का रोडमैप,” मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक विवेक शर्मा ने भी मंच से क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और विकासात्मक आवश्यकताओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा, मुख्यमंत्री ने इन सभी मांगों को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया और जल्द कार्य शुरू करने की घोषणा की।



