➤ 2023 से नहीं मिली महंगाई भत्ते की किस्त, मई 2025 में भी वादा अधूरा
➤ लाखों के मेडिकल बिलों का भुगतान अधर में, वृद्धावस्था में जूझ रहे पेंशनर्स
➤ बिजली बोर्ड की फिजूलखर्ची पर भी उठाए सवाल – ‘डिमांड बिना करोड़ों के उपकरण खरीदे जाते हैं’
देवेंद्र वर्मा, नाहन
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड के पेंशनर्स ने सरकार और बिजली बोर्ड के खिलाफ सख्त नाराजगी जताई है। नाहन में आयोजित पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक में महासचिव कमलेश पुंडीर ने आरोप लगाया कि सरकार ने मई 2025 तक महंगाई भत्ता (DA) देने का वादा किया था, लेकिन 2023 के बाद से अब तक DA की एक भी किस्त जारी नहीं की गई।
कमलेश पुंडीर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पेंशनरों को अपने हक के लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि बिजली बोर्ड की घाटे की हालत का कारण खुद उसकी फिजूलखर्ची है। बोर्ड करोड़ों के उपकरण बिना किसी जरूरत के खरीदता है, जबकि स्थानीय विद्युत मंडलों से कोई डिमांड नहीं मांगी जाती। ये उपकरण सड़कों पर जंग खाते नजर आते हैं, जबकि पेंशनर्स को मिलने वाले लाभ रोके जाते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पेंशनर्स के लाखों रुपए के मेडिकल बिलों का समय पर भुगतान नहीं होता। बुजुर्ग पेंशनर्स को बीमार अवस्था में भी लंबा इंतजार करना पड़ता है, जबकि उनके इलाज पर तुरंत खर्च की जरूरत होती है।
बोर्ड के ठेकेदारों और ठेकेदार संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी आरोप लगाया गया। बैठक में पेंशनरों ने सरकार से मांग की कि DA और मेडिकल बिलों का शीघ्र भुगतान किया जाए, अन्यथा उन्हें राज्यव्यापी आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।



