➤ बड़सर, कुल्लू और भरमौर में तेज बारिश, फसलों को नुकसान
➤ शिमला, मंडी, सोलन समेत छह जिलों में यलो अलर्ट जारी
➤ चंबा में तापमान में 7.2 डिग्री की गिरावट, मानसून अभी दूर
समाचार फर्स्ट टीम, शिमला/मंंडी/सोलन/चंबा
Pre Monsoon Alert: हिमाचल प्रदेश में मानसून की औपचारिक एंट्री से पहले ही तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मंगलवार सुबह से ही हमीरपुर, कुल्लू, चंबा और शिमला समेत कई जिलों में भारी बारिश हो रही है।
हमीरपुर जिले के बड़सर क्षेत्र में सुबह के समय हुई मूसलाधार बारिश के चलते खेत-खलिहान पानी से भर गए हैं, जिससे मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा है। कुल्लू जिले की तीर्थन घाटी में रात भर हुई बारिश के बाद तीर्थन खड्ड का जल स्तर खतरनाक ढंग से बढ़ गया है।
चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में भी रात से लगातार बारिश हो रही है। शिमला शहर में सुबह 7:30 बजे से बारिश जारी है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में मुश्किलें हो रही हैं। सड़कें और रास्ते पानी से भर चुके हैं, लेकिन बारिश के कारण मौसम बेहद सुहावना हो गया है।
मौसम विभाग ने आज के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में तेज बारिश, आंधी और तूफान की चेतावनी दी गई है। वहीं, 21 और 22 जून को निचले व मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश दर्ज की गई है, जिससे अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट देखी गई। हिमाचल का औसत तापमान सामान्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है।
चंबा में तापमान में 7.2 डिग्री की गिरावट आई है, और यहां का अधिकतम तापमान अब 30.9 डिग्री सेल्सियस रह गया है। कांगड़ा में तापमान में 5.9 डिग्री, और कसौली में 5.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
हालांकि, अभी तक राज्य में मानसून की एंट्री के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। मौसम वैज्ञानिक शोभित कटियार के अनुसार, आने वाले 2-3 दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अगले छह दिन मौसम खराब रहेगा और इस दौरान प्री-मानसून वर्षा होती रहेगी।
इस वर्ष हिमाचल प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 25 जून मानी जाती है।
हिमाचल प्रदेश में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने वाली है, क्योंकि प्री-मानसून की बारिश ने प्रदेश में दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के अनुसार, 22 जून 2025 तक राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को मौसम के सुहावने होने का अनुभव होगा।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मौसम वैज्ञानिक शोभित कटियार ने जानकारी दी कि 20 से 22 जून के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है, जिसके चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह अलर्ट शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के लिए जारी किया गया है।
प्री-मानसून बारिश के कारण खेतों को नमी मिलेगी, जिससे खरीफ फसल की तैयारी में मदद मिलेगी। वहीं मैदानी इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान यह भी है कि हिमाचल प्रदेश में मानसून 25 जून के आसपास पहुंचेगा, जो सामान्य समय है। इससे पहले जारी प्री-मानसून रेनफॉल 6 दिनों तक चल सकती है।
पर्वतीय क्षेत्रों में यह बारिश भूस्खलन और सड़कों के अवरुद्ध होने का कारण भी बन सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर ऊंचाई वाले और ढलवां क्षेत्रों में यात्रा करते समय।
IMD ने किसानों को सुझाव दिया है कि वे आगामी 3 दिनों में मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए खेतों में कार्य करें।



