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हिमाचल बीजेपी अध्यक्ष की कुर्सी पर फिर बिंदल, कोई चुनौती नहीं, औपचारिक ऐलान बाकी

 

➤हिमाचल बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए अब तक सिर्फ डॉ. राजीव बिंदल का नामांकन दाखिल हुआ
➤आधिकारिक घोषणा मंगलवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह करेंगे
➤साथ ही 8 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का भी चयन किया जाएगा

पराक्रम चंद, शिमला


हिमाचल प्रदेश बीजेपी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सोमवार को शिमला स्थित पार्टी मुख्यालय में अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ एक नामांकन पत्र ही दाखिल किया गया, जो मौजूदा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल का था। इस तरह यह तय हो गया है कि यदि कोई अप्रत्याशित स्थिति न बनी तो डॉ. बिंदल ही प्रदेश अध्यक्ष बनेंगे।

चुनाव अधिकारी डॉ. राजीव भारद्वाज ने बताया कि सोमवार दोपहर 12 से 2 बजे तक नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया चली। नामांकन वापसी की समयसीमा सोमवार शाम 5 बजे तक निर्धारित थी। इस अवधि तक कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं आया। अब मंगलवार को शिमला के पीटरहॉफ में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह आधिकारिक घोषणा करेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष के अलावा राष्ट्रीय परिषद के 8 सदस्यों का भी चयन किया जाएगा। इनके लिए भी सोमवार को नामांकन दाखिल किए गए हैं। मंगलवार को सभी नामों की औपचारिक घोषणा होगी।

सूत्रों के अनुसार, डॉ. राजीव बिंदल को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, अनुराग ठाकुर और संगठन के बड़े नेताओं का समर्थन प्राप्त है। वहीं, अन्य संभावित दावेदारों में राजीव भारद्वाज, इंदू गोस्वामी, विपिन सिंह परमार जैसे नाम चर्चा में थे। लेकिन आखिर में किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। इससे साफ हो गया कि हाईकमान ने अंततः बिंदल के नाम पर सहमति बनाई।

बीजेपी के अंदरूनी समीकरणों में कांगड़ा जिले की अहम भूमिका रही है। राजीव भारद्वाज का नाम कांगड़ा क्षेत्र को साधने के लिहाज से चर्चा में था। परंतु संगठन ने अनुभवी चेहरे पर भरोसा जताया। डॉ. बिंदल पहले भी अध्यक्ष रहे हैं और संगठनात्मक कार्य का लंबा अनुभव रखते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

कुल मिलाकर, हिमाचल बीजेपी में छह महीने से चल रहा अध्यक्ष पद का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मंगलवार को औपचारिक घोषणा के साथ ही डॉ. राजीव बिंदल की ताजपोशी लगभग तय मानी जा रही है। इसके साथ ही राष्ट्रीय परिषद के 8 सदस्यों के नाम भी सामने आ जाएंगे, जो आगामी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।