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सामान्य वर्ग की अनदेखी पर राजपूत महासभा ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

  • राजपूत महासभा ने मुख्यमंत्री से मिलकर सामान्य वर्ग की उपेक्षा पर सौंपा ज्ञापन

  • सामान्य वर्ग आयोग के पुनर्गठन व कल्याण बोर्ड गठित करने पर सरकार ने सहमति दी

  • अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन, SC-ST एक्ट और स्कॉलरशिप योजनाओं पर पुनर्विचार का आश्वासन


General Category Representation:  हिमाचल प्रदेश: राजपूत महासभा हिमाचल प्रदेश का एक शिष्टमंडल प्रदेशाध्यक्ष के.एस. जम्वाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से ओक ओवर स्थित उनके आवास पर मिला। इस दौरान महासभा ने सामान्य वर्ग विशेषकर युवाओं की अनदेखी को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

मुख्यमंत्री से हुई चर्चा में महासभा ने सामान्य वर्ग आयोग के पुनर्गठन, जो पिछली सरकार के समय से लंबित है, की ओर ध्यान दिलाया। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग से रिपोर्ट मंगवाकर जल्द कार्यवाही का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने राजपूत कल्याण बोर्ड तथा ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के गठन को भी स्वीकृति दी और आवश्यक निर्देश देने की बात कही।

महासभा ने यह मुद्दा भी उठाया कि जाति विशेष की तुष्टीकरण नीतियों के चलते सामान्य वर्ग के युवाओं की अनदेखी हो रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार समाज के सभी वर्गों को समान दृष्टि से देखती है। उन्होंने बताया कि सरकार ने उच्च शिक्षा के लिए बिना जातिगत भेदभाव के 20 लाख रुपये तक का लोन 1% ब्याज दर पर उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। इंदिरा आवास योजना के तहत सभी जातियों के गरीबों को एक समान धन आवंटन किया जा रहा है।

महासभा द्वारा उठाए गए अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन राशि बंद करने, SC-ST ऐक्ट में भारी फंड आवंटन पर रोक, तथा सामान्य वर्ग के स्कूली छात्रों को ₹600 का अनुदान देने जैसे सुझावों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित हैं, लेकिन महासभा के उचित तर्कों के मद्देनज़र संबंधित विभाग से चर्चा कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने महासभा के अन्य मुद्दों के समाधान हेतु शीघ्र बैठक बुलाने का आश्वासन भी दिया। इस मौके पर महासभा के वरिष्ठ उपप्रधान डॉ. अमर सिंह गुलेरिया, अतिरिक्त महासचिव हेम सिंह ठाकुर, संयुक्त सचिव डी.के. चंदेल, कोषाध्यक्ष नरोत्तम रावत सहित अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।