➤ रीवा-पुणे एक्सप्रेस को रेल मंत्री देंगे हरी झंडी
➤ महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
➤ हर बुधवार सुबह रीवा से और गुरुवार शाम पुणे से होगी रवाना
भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत और सौगात लेकर आया है। 3 अगस्त 2025 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रीवा से पहली बार सीधी चलने वाली रीवा-पुणे एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन मध्य प्रदेश के रीवा और महाराष्ट्र के पुणे के बीच सीधी कनेक्टिविटी देने वाली पहली रेल सेवा होगी। अभी तक इन दोनों शहरों के बीच केवल बदल-बदल कर यात्रा संभव थी, जिसमें वक्त और ऊर्जा दोनों का अधिक नुकसान होता था।
यह नई ट्रेन न केवल दो राज्यों को जोड़ने का काम करेगी, बल्कि दोनों क्षेत्रों के लोगों की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को नई दिशा देगी। रीवा, जो मध्य प्रदेश का एक ऐतिहासिक, शैक्षणिक और पर्यटन स्थल है, से लोग अब सीधा पुणे जैसे महानगर तक आरामदायक सफर कर सकेंगे। वहीं पुणे, जो देश के प्रमुख आईटी, एजुकेशन और इंडस्ट्रियल हब्स में गिना जाता है, के लिए यह एक नई शुरुआत होगी।
इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन
रेल मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, रीवा-पुणे एक्सप्रेस जिन प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी, उनमें शामिल हैं:
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मध्य प्रदेश: रीवा, सतना, कटनी, जबलपुर, नैनपुर, बालाघाट
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महाराष्ट्र: गोंदिया, नागपुर, वर्धा, भुसावल, मनमाड, कोपरगांव, अहमदनगर, दौंड और पुणे
यह ट्रेन मध्य भारत और पश्चिम भारत के बीच सीधे आवागमन की एक मजबूत कड़ी बनेगी। खासकर छात्र, पर्यटक, नौकरीपेशा लोग और बिजनेस कम्युनिटी इससे सीधा फायदा उठा पाएंगे।
समय और आवृत्ति (Time Table)
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ट्रेन संख्या 20152 (रीवा-पुणे एक्सप्रेस):
हर बुधवार सुबह 6:45 बजे रीवा से प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 9:45 बजे पुणे पहुंचेगी। -
ट्रेन संख्या 20151 (पुणे-रीवा एक्सप्रेस):
हर गुरुवार शाम 5:15 बजे पुणे से रवाना होगी और अगले दिन शाम 5:30 बजे रीवा पहुंचेगी।
मजबूत सुरक्षा और सुविधाएं
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, इस ट्रेन में मॉडर्न कोच, बायो टॉयलेट्स, सीसीटीवी कैमरे, और पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले जैसी आधुनिक सुविधाएं भी होंगी। स्लीपर, एसी 3 टियर और जनरल डिब्बे उपलब्ध रहेंगे ताकि हर वर्ग का यात्री इसमें सफर कर सके।
रीवा के पर्यटन स्थलों को मिलेगा प्रोत्साहन
रीवा क्षेत्र में स्थित केवटी और बहुती झरने, व्हाइट टाइगर सफारी, गोविंदगढ़ किला, और रीवा पैलेस जैसी जगहों पर अब देश के अन्य कोनों से पर्यटक अधिक आसानी से पहुंच सकेंगे। वहीं पुणे से रीवा आने वाले सैलानियों को भी अब बार-बार ट्रेन बदलने की झंझट नहीं रहेगी।
छात्रों और कर्मचारियों के लिए वरदान
इस ट्रेन का सीधा लाभ मध्य प्रदेश के उन हजारों छात्रों को होगा जो पुणे में पढ़ाई या कोचिंग के लिए जाते हैं। अब उन्हें रास्ते में कटनी, नागपुर या जबलपुर में ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं रहेगी। साथ ही रीवा क्षेत्र के उन कामकाजी लोगों को भी राहत मिलेगी, जो पुणे और उसके आसपास की इंडस्ट्रीज में कार्यरत हैं।



