➤ एपीजी विश्वविद्यालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कार्यक्रम में की शिरकत
➤ स्मार्ट सेमिनार हॉल और वेलनेस सेंटर का लोकार्पण
➤ 148 राजकीय पाठशालाओं को सीबीएसई से संबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू
राजधानी शिमला स्थित एपीजी विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए शिक्षा क्षेत्र में हिमाचल की उपलब्धियों को रेखांकित किया। विश्वविद्यालय परिसर में मुख्यातिथि का भव्य स्वागत किया गया। विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. रमेश कुमार चौधरी ने उन्हें सम्मानित किया। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विश्वविद्यालय के स्मार्ट सेमिनार हॉल, रिक्रिएशनल हब और वेलनेस सेंटर का लोकार्पण किया। साथ ही विश्वविद्यालय के न्यूजलेटर का भी विमोचन किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देवभूमि हिमाचल सदियों से ऋषि-मुनियों और विद्वानों की तपोभूमि रही है और आज प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि हिमाचल की साक्षरता दर 99.3 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो देश में एक मिसाल है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग का बजट अन्य राज्यों की तुलना में काफी अधिक है और सरकार शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए निरंतर नई योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी देश की रीढ़ है और शिक्षण संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश में कई निजी और सरकारी विश्वविद्यालयों के साथ एक केंद्रीय विश्वविद्यालय भी कार्यरत है, जहां देश-विदेश के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने मेरिट आधारित प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने पर बल दिया।
रोहित ठाकुर ने बताया कि शिक्षा विभाग में समय की मांग के अनुरूप बदलाव किए जा रहे हैं। डिजिटल युग के अनुसार नए-नए कोर्स शुरू किए जाएंगे ताकि विद्यार्थी प्रतिस्पर्धा के योग्य बन सकें। उन्होंने बताया कि 1300 स्कूलों को डिनोटिफाई किया गया था, जहां लगभग ढाई हजार स्टाफ तैनात था लेकिन विद्यार्थियों की संख्या नगण्य थी। सरकार ने कई स्कूलों का मर्जर कर संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया है।
उन्होंने कहा कि गत दो वर्षों में शिक्षा विभाग के तहत सात हजार से अधिक अध्यापकों की नियुक्ति की गई है, जबकि चार हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 600 पद सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के लिए भरे जा रहे हैं। प्रथम चरण में प्रदेश की 148 राजकीय पाठशालाओं को सीबीएसई से संबद्ध किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मीडिया टीम, मूट कोर्ट प्रतिभागियों, एंटी रैगिंग टीम, टैलेंट हंट, स्टूडेंट पार्लियामेंट और ‘एकृति’ के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को रंगारंग बना दिया। अदिति और मुस्कान ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि छात्राओं ने पंजाबी नृत्य और पहाड़ी लोक नृत्य से खूब तालियां बटोरीं।
इस अवसर पर एचपीपीईआरसी सदस्य ललित कुमार, डॉ. एच. एस. सेखों, डॉ. शशिकांत, डॉ. मनीषा कोहली, डॉ. सी.पी. मेहता, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. ज्योति धर शर्मा और छोटा शिमला की एसएचओ ममता ठाकुर सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।



