➤ नगरोटा के विधायक आरएस बाली ने पायल के इलाज के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि जमा करवाई
➤ लिवर ट्रांसप्लांट के लिए जूझ रही पायल की मदद को समाज आया आगे, अब तक जुटे करीब 15 लाख रुपये
➤ पायल के परिवार और गांव ठारू के लोगों ने आरएस बाली का जताया आभार
नगरोटा बगवां की 20 वर्षीय बेटी पायल के इलाज के लिए चल रही मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। कांगड़ा-नगरोटा बगवां के विधायक एवं हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड के चेयरमैन आरएस बाली ने अपनी घोषणा के अनुरूप पायल के इलाज के लिए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि जमा करवा दी है। इस सहयोग के बाद पायल के परिवार, गांव ठारू के लोगों और क्षेत्रवासियों में राहत और खुशी का माहौल है।
दो दिन पहले आरएस बाली ने टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचकर पायल का हालचाल जाना था। इस दौरान उन्होंने उसकी गंभीर बीमारी और इलाज की स्थिति के बारे में डॉक्टरों से विस्तृत जानकारी ली थी। पायल की स्थिति जानने के बाद उन्होंने उसके इलाज के लिए 5 लाख रुपये की व्यक्तिगत आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।
पायल के पिता राज कुमार, गांव ठारू के पूर्व प्रधान अजय वनियारी तथा गांव के अन्य लोगों ने आरएस बाली का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आया है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में मिला यह सहयोग उनकी बेटी के इलाज की उम्मीद को और मजबूत करता है।
दरअसल, नगरोटा बगवां की पंचायत ठारू के वार्ड नंबर-4 की रहने वाली पायल पिछले करीब पांच वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रही है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार वह Decompensated Cirrhosis, Primary Sclerosing Cholangitis और Ulcerative Colitis जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित है। डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए लिवर ट्रांसप्लांट को ही एकमात्र विकल्प बताया है।
पायल के पिता राज कुमार मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। लंबे समय से चल रहे इलाज के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है। परिवार की अधिकांश जमा पूंजी इलाज में खर्च हो चुकी है और ट्रांसप्लांट के लिए बड़ी राशि की जरूरत थी।
पायल की मदद के लिए शुरू की गई मुहिम को स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और व्यापारियों का लगातार समर्थन मिल रहा है। क्षेत्र के लोगों ने एकजुट होकर आर्थिक सहायता जुटाने का अभियान चलाया। आरएस बाली की 5 लाख रुपये की सहायता राशि के बाद उपचार के लिए आवश्यक धनराशि जुटाने की दिशा में बड़ी मदद मिली है।
क्षेत्र में यह मामला केवल आर्थिक सहायता का नहीं बल्कि सामाजिक एकजुटता का उदाहरण बन गया है। बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस अभियान से जुड़ रहे हैं और जरूरतमंद परिवार तक मदद पहुंचा रहे हैं।



