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श्रीखंड महादेव के लिए निरमंड से पवित्र छड़ी यात्रा रवाना


श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए निरमंड से मां अंबिका माता और दत्तात्रेय स्वामी की पवित्र छड़ी यात्रा रवाना हुई
गुरु पूर्णिमा के दिन श्रीखंड कैलाश के दर्शन के बाद 14 जुलाई को छड़ी वापस आएगी
छड़ी यात्रा में साधु-संतों और श्रद्धालुओं सहित करीब 500 लोग हुए शामिल


उत्तर भारत की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में गिनी जाने वाली श्रीखंड महादेव यात्रा के लिए सोमवार को निरमंड (कुल्लू) से मां अंबिका माता और दत्तात्रेय स्वामी की पवित्र छड़ी यात्रा विधिवत पूजा-अर्चना और भव्य धार्मिक अनुष्ठानों के बाद रवाना हो गई।

अखिल भारतीय पंच दशनामी जूना अखाड़ा खन्ना कुदरत गिरी की अध्यक्षता में पूजा की गई, जहां शंखनाद, वाद्य यंत्रों की गूंज और हर हर महादेव के जयकारों के बीच छड़ी को विदाई दी गई। छड़ी यात्रा को एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह और छड़ी यात्रा समिति के अध्यक्ष टाकेश्वर शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह 30वीं पवित्र छड़ी यात्रा है, जिसमें देशभर से आए साधु-संतों और श्रद्धालुओं सहित करीब 500 लोग शामिल हुए। छड़ी यात्रा समिति के अनुसार इस बार करीब 150 यात्री श्रीखंड कैलाश के दर्शन करेंगे।

यात्रा का पहला पड़ाव जाओं, सिंहगाड़ और ब्राहटी नाला रहेगा। 10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर छड़ी श्रीखंड कैलाश के दर्शन करेगी। यात्रा का समापन 14 जुलाई की शाम को छड़ी के जूना अखाड़ा निरमंड लौटने के साथ होगा। इसके बाद वहां विशाल भंडारे का आयोजन होगा।

श्रीखंड कैलाश यात्रा का ऐतिहासिक महत्व है। छड़ी यात्रा की परंपरा 1996 में विधिवत शुरू की गई थी, हालांकि इसका जिक्र प्राचीन काल से मिलता है। यह यात्रा हर साल देव शयनी एकादशी को निरमंड से आरंभ होकर गुरु पूर्णिमा पर वापस आती है।

इस वर्ष श्रीखंड महादेव यात्रा आधिकारिक तौर पर 10 से 23 जुलाई तक चलेगी। 23 जुलाई को प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं का अंतिम जत्था रवाना किया जाएगा।