-
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत का दावा: पीएम मोदी ने नागपुर में आरएसएस मुख्यालय जाकर अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की।
-
बीजेपी का जवाब: देवेंद्र फडणवीस और अमित शाह ने इस दावे को खारिज किया, कहा – मोदी 2029 तक देश का नेतृत्व करेंगे।
-
क्या बीजेपी में 75 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट का नियम है? इस पर भी बहस छिड़ी।
Blog: अखिलेश महाजन
PM Modi Retirement:: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रिटायरमेंट को लेकर एक बार फिर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने दावा किया है कि पीएम मोदी ने नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में एक बंद दरवाजे की बैठक के दौरान अपनी रिटायरमेंट की घोषणा की। राउत के इस बयान ने राजनीति में हलचल मचा दी है, लेकिन बीजेपी ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि मोदी 2029 तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे।
अब सवाल यह उठता है कि क्या यह अटकलें किसी बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं, या फिर वास्तव में मोदी 75 वर्ष की उम्र के बाद सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की तैयारी कर रहे हैं? क्या बीजेपी का 75 साल की उम्र पर रिटायरमेंट का नियम पीएम मोदी पर भी लागू होगा, या फिर यह केवल एक अफवाह है?
शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बड़ा दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय का दौरा कर अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की। राउत के अनुसार, इस बैठक में मोदी के उत्तराधिकारी को लेकर भी चर्चा हुई और अगला प्रधानमंत्री महाराष्ट्र से हो सकता है।
संजय राउत ने कहा कि पीएम मोदी 17 सितंबर 2025 को 75 वर्ष के हो जाएंगे और संघ में ऐसी परंपरा रही है कि इस उम्र के बाद नेताओं को सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के लिए कहा जाता है। राउत का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
संजय राउत के दावे ने भले ही राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया हो, लेकिन बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने इसे खारिज कर दिया है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2029 तक अपने पद पर बने रहने की संभावना अधिक दिख रही है।
बीजेपी का खंडन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राउत के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी 2029 तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे और उनके उत्तराधिकारी की चर्चा का अभी कोई औचित्य नहीं है।
इसी तरह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मई 2024 में ऐसे ही कयासों को गलत बताया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संविधान में ऐसा कोई नियम नहीं है कि 75 वर्ष की उम्र पार करने पर कोई नेता पद छोड़ देगा। शाह ने कहा कि मोदी 2029 तक देश का नेतृत्व करेंगे और आने वाले चुनाव भी उन्हीं के नेतृत्व में लड़े जाएंगे।
क्या बीजेपी में 75 वर्ष की आयु सीमा का कोई नियम है?
बीजेपी में यह परंपरा रही है कि 75 वर्ष से अधिक उम्र के नेताओं को चुनावी टिकट नहीं दिया जाता। 2019 के लोकसभा चुनावों में भी अमित शाह ने इस नीति का हवाला दिया था और कहा था कि 75 साल से अधिक उम्र के किसी भी नेता को टिकट नहीं दिया गया। हालांकि, 2019 में ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि यह नीति पार्टी के संविधान में लिखित रूप में मौजूद नहीं है, बल्कि एक आंतरिक निर्णय है।
भारतीय संविधान में प्रधानमंत्री की अधिकतम उम्र का कोई प्रावधान नहीं
संविधान के अनुसार, प्रधानमंत्री पद के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। लोकसभा सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष और राज्यसभा सदस्य बनने के लिए 30 वर्ष निर्धारित की गई है, लेकिन अधिकतम उम्र को लेकर कोई बाध्यता नहीं है।



