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सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी के इतिहास विभाग का दल शैक्षणिक भ्रमण के लिए गुजरात रवाना
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सरदार पटेल की जन्मभूमि व ऐतिहासिक स्थलों का अध्ययन करेगा विद्यार्थी दल
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कुलपति व प्राध्यापकों ने दी शुभकामनाएँ, यात्रा को बताया ज्ञानवर्धक अनुभव
Sardar Patel University Mandi: सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी के इतिहास विभाग के विद्यार्थियों का एक दल सात दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के लिए आज गुजरात रवाना हुआ। यह दल वल्लभ विद्यानगर स्थित सरदार पटेल विश्वविद्यालय तथा अन्य ऐतिहासिक स्थलों का अध्ययन करेगा। इस यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को सरदार पटेल की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों से परिचित कराना है।
कुलपति आचार्य ललित कुमार अवस्थी ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात अपने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य महत्व के कारण भारत के गौरवशाली अतीत का प्रतीक है। इस यात्रा से विद्यार्थी इन स्थलों से प्रेरणा प्राप्त करेंगे और अपने अध्ययन को अधिक समृद्ध बनाएंगे।
प्रति-कुलपति एवं इतिहास विभागाध्यक्ष आचार्य अनुपमा सिंह ने कहा कि इस भ्रमण से विद्यार्थियों को इतिहास को प्रत्यक्ष देखने और समझने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी शिक्षा अधिक व्यावहारिक और सार्थक बनेगी। यह दल डॉ. राकेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में गुजरात के सरदार पटेल विश्वविद्यालय, सरदार पटेल हाउस, सरदार मेमोरियल और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित कई महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेगा।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने इस यात्रा के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सरदार पटेल से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराना, गुजरात की सांस्कृतिक विरासत को समझाना और ऐतिहासिक घटनाओं के गहन अध्ययन का अवसर प्रदान करना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों एवं सहायक आचार्य डॉ. रामपाल, राजेश कुमार, विक्रांत जसवाल, और कृष्ण सहित कई प्राध्यापकों ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं। सभी विद्यार्थी इस यात्रा को लेकर अत्यधिक उत्साहित हैं और इसे अपने शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव मान रहे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस भ्रमण की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की हैं। यात्रा के उपरांत विद्यार्थी एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, जिसमें उनके अध्ययन और अनुभवों को संकलित किया जाएगा। इससे न केवल प्रतिभागियों को लाभ मिलेगा, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी ऐतिहासिक शोध में सहायता प्राप्त होगी।



