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हरोली विस के विकास में एसडीआरएफ प्रशिक्षण केंद्र के रूप में एक नया अध्याय जुड़ा: मुकेश अग्निहोत्री

पालकवाह में आपदा प्रशिक्षण केंद्र शुरू, हरोली विकास में नया अध्याय
भूकंप, बाढ़, भूस्खलन से निपटने के लिए जवानों और नागरिकों को प्रशिक्षण
स्वां नदी चैनलाइजेशन से हजारों एकड़ भूमि हुई उपयोगी, आपदा पर नियंत्रण


ऊना/हरोली: हरोली विधानसभा क्षेत्र में विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम जुड़ गया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पालकवाह स्थित कौशल विकास केंद्र में सेंटर ऑफ डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेजीलियेंस कार्यालय का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह केंद्र क्षेत्र के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है।

उन्होंने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से भूकंप, बाढ़, भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ मानवजनित आपदाओं से निपटने के लिए जवानों और आम नागरिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। यहां आधुनिक बचाव तकनीक, प्राथमिक चिकित्सा, सीपीआर प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल के जरिए लोगों को आपात स्थितियों के लिए तैयार किया जाएगा। इससे जिला ऊना समेत आसपास के क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर आयोजित एक दिवसीय आपदा प्रशिक्षण कार्यशाला में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऊना में पहले स्वां नदी बरसात के दौरान बड़ी आपदा का कारण बनती थी, लेकिन अब करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत से किए गए तटीयकरण और चैनलाइजेशन कार्यों ने स्थिति को बदल दिया है। उन्होंने बताया कि हरोली क्षेत्र में घालूवाल से बाथड़ी तक 922 करोड़ रुपये की लागत से किए गए कार्यों से न केवल बाढ़ पर नियंत्रण हुआ, बल्कि हजारों एकड़ भूमि भी पुनः उपयोग में आ गई है, जहां आज खेती हो रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बेटियों के शिक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर प्रतिबद्ध है। कमांडेट जनरल होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा सतवंत अटवाल से प्रेरित होकर आज लड़कियों में भी पुलिस और सुरक्षा सेवाओं में जाने का जज्बा बढ़ रहा है।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ टीम को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने पर बधाई दी। यह प्रतियोगिता 9 से 11 मार्च तक गाजियाबाद में आयोजित हुई थी, जिसमें 30 टीमों ने भाग लिया और एसडीआरएफ ने महज 41 मिनट में कार्य पूरा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया।

कमांडेट जनरल होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा सतवंत अटवाल ने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) एक मजबूत बल है, जो बाढ़, आग और भूकंप जैसी आपदाओं में 24 घंटे तत्पर रहता है। यह बल मौके पर पहुंचकर राहत, बचाव और मेडिकल सहायता प्रदान करता है और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम के दौरान एसडीआरएफ, होमगार्ड, सिविल डिफेंस वालंटियर्स और युवा आपदा मित्रों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया। साथ ही जवानों ने भूकंप, सीपीआर और फायर सेफ्टी से संबंधित डेमो प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र प्रदेश की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सशक्त बनाएगा और जवानों को कठिन परिस्थितियों में बेहतर तरीके से काम करने के लिए तैयार करेगा।