➤ घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया
➤ वन विभाग ने आरोपी गार्ड को तत्काल प्रभाव से किया सस्पेंड
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। लपियाणा वन उपमंडल में तैनात एक फॉरेस्ट गार्ड पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में तीन महिला वन मित्रों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, जबकि वन विभाग ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार आरोपी फॉरेस्ट गार्ड ड्यूटी के समय अत्यधिक शराब के नशे में था। बताया जा रहा है कि उसने बिना किसी वजह के वहां मौजूद महिला वन मित्रों पर चिल्लाना शुरू कर दिया और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। मौके पर मौजूद महिलाओं ने जब उसके व्यवहार का विरोध किया तो आरोपी गार्ड अपना आपा खो बैठा और उसने महिलाओं के साथ हाथापाई शुरू कर दी।
इस मारपीट में तीन महिला वन मित्र घायल हो गईं। घटना के बाद पीड़ित महिलाओं ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी फॉरेस्ट गार्ड को हिरासत में ले लिया।
दूसरी ओर वन विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से आरोपी गार्ड को सस्पेंड कर दिया। धर्मशाला के वन मंडलाधिकारी (DFO) अमित शर्मा ने मामले में विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं। विभाग का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जांच के दौरान किसी भी पीड़िता या गवाह पर दबाव न बनाया जा सके। इसके लिए आरोपी कर्मचारी का मुख्यालय धर्मशाला डिवीजन से बाहर निर्धारित किया गया है। विभागीय अधिकारियों ने साफ कहा है कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अनुशासनहीनता या अभद्र व्यवहार किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और वन विभाग के कर्मचारियों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी विभागों में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई होना सकारात्मक संकेत है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पीड़ित महिलाओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं विभागीय जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।



