➤ सेब सीजन को लेकर उपायुक्त शिमला ने अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक
➤ खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत और कंट्रोल रूम स्थापना के आदेश
➤ बागवानों ने फर्जी व्यापारियों पर कार्रवाई और कलेक्शन सेंटर खोलने की मांग की
पराक्रम चंद, शिमला
शिमला जिला प्रशासन ने आगामी सेब सीजन 2025 को देखते हुए तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने सोमवार को सेब बागवानों और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में सड़क, यातायात, बिजली, पानी और ढुलाई व्यवस्था की समीक्षा की गई तथा इन व्यवस्थाओं को समय पर दुरुस्त करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि सेब जिला शिमला की मुख्य आर्थिकी है और ऐसे में बागवानों को किसी भी समस्या से गुजरना न पड़े, यह प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने जानकारी दी कि इस बार चार कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे जो 15 जुलाई से कार्यशील होंगे। इसके अलावा सभी एसडीएम को आदेश दिए गए हैं कि एक सप्ताह के भीतर खस्ताहाल सड़कों की पहचान कर उन्हें सीजन शुरू होने से पहले सुधारने का काम करवाया जाए।
बैठक में मौजूद संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने भी बागवानों की समस्याएं सामने रखीं। उन्होंने कहा कि हर सीजन में फर्जी व्यापारियों द्वारा बागवानों से ठगी के मामले सामने आते हैं, जिन्हें रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए। साथ ही एपीएमसी और हिमफैड के कलेक्शन सेंटर को 15 जुलाई से पहले खोलने की मांग भी उठाई गई है।
हरीश चौहान ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर एक आदेश वायरल हो रहा है जिसमें यह कहा गया है कि बागवान अपने खेत से सीधे फसल नहीं भेज सकते। उन्होंने इस आदेश का पुरजोर विरोध करते हुए स्पष्ट किया कि बागवान चाहे मंडी में बेचे या खेत से – यह उसका अधिकार है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे किसी भी आदेश को तत्काल स्पष्ट करने की मांग की है जिससे बागवानों में भ्रम न फैले।
इस बैठक को सीजन से पहले बागवानों के हित में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है। बागवानों और प्रशासन के बीच संवाद की यह पहल आने वाले सीजन में समस्याओं के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।



