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स्वामी पुनीत गिरी ने सागर मंथन प्रसंग का आध्यात्मिक और जीवनदर्शन से जुड़ा विश्लेषण किया
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कथा में सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज हुए शामिल, शिव पुराण को बताया जीवन मार्गदर्शक
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आयोजक चेतन चंबियाल ने आने वाले दिव्य प्रसंगों की जानकारी दी
ज्वाली, दौलत चौहान: ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के रैहन स्थित चामुंडा पैलेस में सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा में रविवार को कथा वाचक स्वामी पुनीत गिरी जी महाराज ने भक्तजनों को सागर मंथन के दिव्य प्रसंग का गूढ़ और भावपूर्ण वर्णन सुनाया। कथा स्थल पर आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।
स्वामी पुनीत गिरी जी ने कहा कि सागर मंथन केवल एक पौराणिक घटना नहीं, बल्कि यह मानव जीवन में आने वाली कठिनाइयों से जूझते हुए धैर्य, संतुलन और सहयोग बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विष, अमृत और अन्य रत्नों के आध्यात्मिक अर्थों की व्याख्या करते हुए बताया कि यह जीवन के आत्मिक मंथन का प्रतीक है।
कथा में कांगड़ा-चंबा से सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने भी भाग लिया और श्रद्धा भाव से कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिव पुराण एक मात्र धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह जीवन को धर्म, संयम, कर्तव्य और आस्था की राह दिखाने वाला अमूल्य ग्रंथ है। उन्होंने सागर मंथन, पार्वती विवाह और रुद्र अवतार जैसे प्रसंगों को जीवन में अनुकरणीय बताया।
कथा आयोजक चेतन चंबियाल ने बताया कि आने वाले दिनों में भगवान शिव के रौद्र रूप, अमृत वितरण और शिव-पार्वती विवाह जैसे प्रसंगों की भी विस्तार से व्याख्या की जाएगी, जिससे भक्तों को अध्यात्म और जीवनशैली से जुड़ी नई दृष्टि मिलेगी।
स्वामी पुनीत गिरी जी की कथा में श्रद्धालु भावविभोर हुए, और पूरे वातावरण में शिव भक्ति की अलौकिक ऊर्जा महसूस की गई।



