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युवाओं के हाथ में होगा भविष्य का ‘ड्रोन’, हिमाचल बन रहा टेक्नोलॉजी हब

युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा व तकनीकी प्रशिक्षण देने पर सरकार का जोर
स्व. जीएस बाली की स्मृति में मेडिकल कैंप का उद्घाटन, तकनीकी शिक्षा मंत्री की   मौजूदगी
सेमिकंडक्टर, ड्रोन और मशीन लर्निंग में हिमाचल के युवाओं को मिल रहा अत्याधुनिक प्रशिक्षण



धर्मशाला, 27 जुलाई। नगरोटा बगवां में स्व. जीएस बाली की स्मृति में आयोजित बाल मेले के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा व तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ने को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीक आधारित शिक्षा प्रणाली ही युवाओं को सशक्त बना सकती है, और यही दृष्टिकोण विकास पुरुष स्व. जीएस बाली का था, जिसे वर्तमान सरकार आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए सेमिकंडक्टर, ड्रोन, मशीन लर्निंग और आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों में दक्ष किया जा रहा है। राज्य सरकार ने इस दिशा में कई ठोस कदम उठाए हैं:

  • आईआईटी रोपड़ और दिल्ली में 20 प्रशिक्षकों को सेमिकंडक्टर इकोसिस्टम का प्रशिक्षण

  • IIIT ऊना में मशीन लर्निंग का विशेष प्रशिक्षण 10 संकाय सदस्यों और 6 विद्यार्थियों को

  • 11 आईटीआई संस्थानों में 128 युवाओं को ड्रोन तकनीक में प्रशिक्षण दिया जा रहा है

राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश के 363 तकनीकी व औद्योगिक शिक्षा संस्थान युवाओं को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। राज्य में रोजगार मेले व कैंपस प्लेसमेंट कार्यक्रमों के माध्यम से सीधे उद्योगों से जुड़ने के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल डिग्री नहीं बल्कि उद्योग-योग्य कुशल मानव संसाधन तैयार करना है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश को आईटी हब बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

स्व. जीएस बाली को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए धर्माणी ने कहा कि उन्होंने सबसे पहले तकनीकी शिक्षा के प्रसार और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की आवाज उठाई थी। आज उन्हीं के मार्गदर्शन में नई योजनाएं आकार ले रही हैं।