➤ पर्यटन निवेश प्रोत्साहन परिषद की पहली बैठक सीएम ने की अध्यक्षता
➤ 50 करोड़ से अधिक निवेश वाले प्रस्ताव 30 दिन में निपटाने के निर्देश
➤ हिमाचल को निवेश-फ्रेंडली राज्य बनाने पर जोर
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हाल ही में गठित पर्यटन निवेश प्रोत्साहन परिषद (Tourism Investment Promotion Council) की पहली बैठक की अध्यक्षता की। यह परिषद उन परियोजनाओं को सुगम बनाने के उद्देश्य से बनाई गई है जिनमें 50 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने बैठक में सात विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस श्रेणी के सभी प्रस्तावों को 30 दिन के भीतर निपटाया जाए ताकि निवेशकों को किसी प्रकार की देरी या बाधा का सामना न करना पड़े।
सीएम सुक्खू ने कहा कि पर्यटन हिमाचल की आर्थिक धुरी है, जो हजारों परिवारों को रोज़गार के अवसर प्रदान करता है। उन्होंने अधिकारियों से अनुमोदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल विभाग ऑफलाइन प्रणाली से काम करेंगे, लेकिन जल्द ही एक पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे निवेशकों को सभी मंजूरियों के लिए एक ही जगह से सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि निवेशकों के लिए एक समान चेकलिस्ट तैयार की जाए और सभी विभागों की ओर से पूछे जाने वाले सवाल एक ही बार में सामने रखे जाएं ताकि बार-बार की देरी से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक निवेश-फ्रेंडली राज्य है और यहां की प्राकृतिक सुंदरता तथा संभावनाएं कई बड़ी कंपनियों को आकर्षित कर रही हैं। सरकार हर संभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध है।
बैठक में हिमाचल पर्यटन विकास निगम (HPTDC) अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, मुख्य सचिव प्रभोध सक्सेना, एडिशनल मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, पर्यटन निदेशक विवेक भाटिया, पीसीसीएफ (HoFF) संजय सूद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



