➤ कोटखाई में बादल फटने से गाड़ियां और पेट्रोल पंप मलबे में दबे
➤ शिमला, कुल्लू, सोलन और सिरमौर में 395 सड़कें बंद, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, लैंडस्लाइड और बादल फटने जैसी घटनाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। श्रीखंड यात्रा पर गए जम्मू-कश्मीर के डोडा निवासी दविंदर सिंह की मौत तब हुई जब सुबह करीब 11:30 बजे पहाड़ी से अचानक पत्थर गिर गया और उन्हें मौके पर ही जान गंवानी पड़ी। वहीं शिमला के रामपुर में खोल्टी नाला के पास एक 20 वर्षीय युवती मीरा (पुत्री मीर हमजा, निवासी तकलेच) की पत्थर लगने से मौत हो गई। घायल अवस्था में खनेरी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कोटखाई के खलटूनाला इलाके में गुरुवार सुबह करीब 3 बजे बादल फटने से नाले में भारी मलबा आ गया, जिसने 6 से अधिक गाड़ियां और आधा पेट्रोल पंप दबा दिया। पंप के कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई। इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
भारी बारिश के खतरे को देखते हुए ऊना जिला, कुल्लू के बंजार सब-डिवीजन, शिमला के जुब्बल और मंडी के थुनाग में स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया। शिमला शहर में अलग-अलग नालों में आए बाढ़ और मलबे में 15 से अधिक गाड़ियां दब गईं।
किन्नौर के पूह में बुधवार शाम बादल फटने से सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे रामपुर के गानवी में 26 लोगों के टेम्परेरी शेड, दुकानें और स्टोर बह गए। कई घर खाली कराए गए और गानवी पुलिस चौकी खतरे की जद में आ गई। यहां गानवी जल विद्युत परियोजना का पुल भी ढह गया।
शिमला शहर को पेयजल सप्लाई करने वाला चाभा प्रोजेक्ट जलमग्न हो गया है, जिसके कारण शहर के कई घरों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है।
शिमला, कुल्लू, सोलन और सिरमौर जिलों में भूस्खलन के कारण जगह-जगह सड़कें अवरुद्ध हैं। एक नेशनल हाईवे समेत कुल 395 सड़कें बंद हो गईं। शिमला और कुल्लू में 20 से अधिक गाड़ियां मलबे में दब गईं।
मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों में ऑरेंज अलर्ट और अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने की संभावना है, लेकिन कई हिस्सों में हल्की बारिश जारी रहेगी।



