➤ ऊना अस्पताल में ड्यूटी के दौरान शराब पीने पर दो स्टाफ नर्सें निलंबित
➤ एक नर्स को नालागढ़, दूसरी को बिलासपुर किया गया ट्रांसफर
➤ अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल, स्वास्थ्य निदेशालय ने मांगी रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के ऊना क्षेत्रीय अस्पताल में ड्यूटी के दौरान दो नर्सें शराब पीकर टल्ली हो गई। आरोप है कि 5 अगस्त की रात, अस्पताल में तैनात दो स्टाफ नर्सों ने ड्यूटी के दौरान नशा किया, जिससे अस्पताल का वातावरण और मरीजों की देखरेख प्रभावित हुई। मामले के सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग ने दोनों नर्सों को तत्काल निलंबित कर दिया है। साथ ही, एक को नालागढ़ और दूसरी को बिलासपुर स्थानांतरित किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने निलंबन के साथ यह भी आदेश दिया है कि दोनों नर्सें मुख्यालय में रिपोर्ट करें। इसके अलावा, विभाग ने अस्पताल प्रशासन को पुख्ता प्रबंधन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
स्वास्थ्य निदेशालय ने घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की। साथ ही, उस समय प्रशिक्षण पर आई कुछ छात्राओं ने भी अपने संस्थान में इस घटना को लेकर शिकायत दर्ज कराई और अस्पताल में रात के समय होने वाली “अशोभनीय गतिविधियों” पर नाराजगी जताई।
सूत्रों के अनुसार, घटना के समय एक नर्स सर्जिकल वार्ड में और दूसरी मेडिकल वार्ड में तैनात थी, और दोनों नशे में थीं। वहां हंगामा हुआ और यह भी सामने आया कि एक बाहरी व्यक्ति के साथ भी शराब पी गई थी। इससे न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, बल्कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं खड़ी हुईं।
इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की निष्क्रियता को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई। भाजयुमो ऊना मंडल अध्यक्ष रूपिंदर सिंह देहल ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि माफिया और नशा तस्करी बढ़ रही है और अस्पतालों तक में लापरवाही बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रशासनिक तंत्र निष्क्रिय है और कर्मचारियों को संरक्षण मिल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. गोपाल बेरी ने इस संबंध में कहा कि “ऊना अस्पताल में शराब पीने के मामले में दो स्टाफ नर्स को निलंबित किया गया है और अस्पताल प्रबंधन को पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।”



