➤ 60 सेकेंड में आए दो शक्तिशाली भूकंप से तबाही
➤ 10 हजार से अधिक मौतों की आशंका, कई शहर मलबे में तब्दील
➤ राष्ट्रीय आपातकाल घोषित, अंतरराष्ट्रीय मदद शुरू
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम महज 60 सेकेंड के अंतराल में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। पहले 7.2 और फिर 7.5 तीव्रता के भूकंप ने राजधानी कराकस समेत कई शहरों को झकझोर दिया। कई बहुमंजिला इमारतें धराशायी हो गईं, जबकि सैकड़ों इमारतों में गंभीर दरारें आ गई हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार अब तक 32 लोगों की मौत और 700 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, लेकिन विशेषज्ञों को आशंका है कि मृतकों का आंकड़ा हजारों तक पहुंच सकता है।

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक इस आपदा में 10 हजार से अधिक लोगों के मारे जाने की 44 फीसदी संभावना जताई गई है, जबकि लगभग 30 फीसदी संभावना एक लाख लोगों तक की मौत की भी व्यक्त की गई है। भूकंप के बाद अब तक 20 आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे लोगों में दहशत बनी हुई है।
दोनों भूकंप राजधानी कराकस से करीब 290 किलोमीटर पश्चिम में आए। झटके इतने तेज थे कि कई शहरों में ऊंची इमारतें ताश के पत्तों की तरह गिर गईं। राजधानी के एयरपोर्ट की छत का एक हिस्सा भी ढह गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

भूकंप के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में ला गुआइरा शामिल है, जहां कई रिहायशी इमारतें पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। आशंका जताई जा रही है कि बड़ी संख्या में लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबा हटाने और जीवित लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। इसी दौरान मलबे में फंसे तीन बच्चों को जीवित बाहर निकालने में सफलता मिली है, जिससे राहत कार्य में जुटी टीमों का उत्साह बढ़ा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। उन्होंने सबसे अधिक प्रभावित ला गुआइरा को डिजास्टर जोन घोषित किया है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि लापता लोगों और क्षतिग्रस्त घरों की जानकारी सरकारी प्लेटफॉर्म वेनएप के माध्यम से साझा करें ताकि राहत कार्यों को तेज किया जा सके।

भूकंप के बाद राजधानी कराकस और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। कई इलाकों में अंधेरा छाया हुआ है। एहतियात के तौर पर मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बंद कर दी गई हैं। कई पानी की पाइपलाइनें फट गई हैं, जिससे सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। रेस्क्यू टीमें टॉर्च और विशेष उपकरणों की मदद से रातभर बचाव अभियान चला रही हैं।
इस विनाशकारी आपदा के बाद ब्राजील, अर्जेंटीना, पेरू, मेक्सिको, कोलंबिया, बोलीविया, कोस्टा रिका और एल सल्वाडोर समेत दक्षिण अमेरिका के आठ देशों ने वेनेजुएला को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है। कई देशों ने राहत सामग्री, बचाव दल और मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की है।
विपक्षी नेता एडमंडो गोंजालेज उरुतिया ने कहा है कि इतनी बड़ी आपदा से निपटने के लिए वेनेजुएला को अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पड़ेगी। उनका दावा है कि नुकसान का वास्तविक आकलन अभी सामने नहीं आया है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह भूकंप पिछले 126 वर्षों में वेनेजुएला का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 1900 में देश में 7.7 तीव्रता का बड़ा भूकंप आया था। फिलहाल राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और दुनिया की नजरें वेनेजुएला में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं।



