➤ केरल के व्यक्ति ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 22 सांसदों के हस्ताक्षर फर्जी बनाए
➤ जांच में मामला उजागर होने पर नामांकन पत्र तुरंत रद्द
➤ चुनाव आयोग ने कहा केवल दो उम्मीदवारों के नामांकन वैध
उपराष्ट्रपति चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। केरल के एक व्यक्ति ने चुनाव लड़ने के लिए दाखिल किए गए अपने नामांकन पत्र में 22 सांसदों के फर्जी हस्ताक्षर लगा दिए। यह मामला जांच के दौरान उजागर हुआ, जिसके बाद चुनाव आयोग ने उसका नामांकन पत्र तत्काल रद्द कर दिया।
चुनाव आयोग के मुताबिक, इस बार 46 उम्मीदवारों ने कुल 68 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जांच के पहले चरण में ही 28 नामांकन खारिज कर दिए गए थे। बाद में जब गहन छानबीन की गई तो यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जैकब जोसेफ नाम के व्यक्ति ने सांसदों की जानकारी और अनुमति के बिना उनके नाम और हस्ताक्षर का गलत इस्तेमाल किया था।
मामले के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया। आयोग ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से खिलवाड़ करार दिया है और कहा है कि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस पूरे प्रकरण के बाद अब केवल दो ही नामांकन वैध माने गए हैं—सीपी राधाकृष्णन और बी. सुन्दरशन रेड्डी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का कृत्य जालसाजी और धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है, जिसमें संबंधित व्यक्ति पर आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है। फिलहाल, चुनाव आयोग की ओर से रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी गई है और पुलिस भी मामले की तफ्तीश कर सकती है।



