➤ वीरभद्र सिंह की जयंती पर पूरे हिमाचल में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित
➤ राज्यपाल, मुख्यमंत्री सुक्खू सहित कई नेताओं ने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की
➤ वीरभद्र सिंह के विकास कार्यों और राजनीतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान
शिमला। हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जयंती पर सोमवार को पूरे प्रदेश में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर स्थापित उनकी प्रतिमा के समक्ष आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में प्रदेश के शीर्ष राजनीतिक और संवैधानिक पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं, जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने पहुंचकर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह समेत अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर प्रदेश के विकास में वीरभद्र सिंह के योगदान को याद किया। इस दौरान उनके राजनीतिक जीवन, जनसेवा और विकासवादी सोच को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार भी साझा किए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वीरभद्र सिंह केवल कांग्रेस के ही नहीं बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के ऐसे नेता थे, जिन्होंने छह बार मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश का नेतृत्व किया और विकास की नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में वीरभद्र सिंह का योगदान सदैव याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के वर्तमान और भावी नेतृत्व को उनके जीवन संघर्ष, जनसेवा और विकास की सोच से प्रेरणा लेकर हिमाचल को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री से यूएस-इंडिया ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर प्रदेश के बागवानों की चिंताओं के संबंध में भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि सेब उत्पादकों और बागवानों की आशंकाओं को सरकार गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर पहले भी केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ चर्चा की जा चुकी है और भविष्य में भी बागवानों के हितों की रक्षा के लिए यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने लगभग 22 वर्षों तक प्रदेश की राजनीति का नेतृत्व किया और वे एक अनुभवी, लोकप्रिय तथा दूरदर्शी राजनेता थे। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति में भी उनके द्वारा स्थापित राजनीतिक मूल्यों, लोकतांत्रिक परंपराओं और जनसेवा की भावना की आवश्यकता महसूस की जाती है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह की नीतियों और विचारधारा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है, ताकि राजनीति में जनहित और विकास की सोच को मजबूती मिल सके।
वहीं प्रतिभा सिंह ने कहा कि आज प्रदेश के हर जिले और क्षेत्र में लोग वीरभद्र सिंह को श्रद्धापूर्वक याद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जयंती के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया, वहीं अस्पतालों में मरीजों को फल वितरण जैसे सेवा कार्य भी किए गए। उन्होंने कहा कि रिज मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि वीरभद्र सिंह आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।
प्रतिभा सिंह ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि लोग वीरभद्र सिंह के आदर्शों, विकास की सोच और जनसेवा की भावना को अपने जीवन में अपनाएं तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास और जनता की सेवा के लिए निरंतर कार्य करना ही वीरभद्र सिंह के सपनों को साकार करने का सबसे बड़ा माध्यम है।



