Waqf Property Reforms: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को केंद्र सरकार का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र नेतृत्व ने यह निर्णय दूरगामी सुधारों को ध्यान में रखते हुए लिया है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का पारदर्शी प्रबंधन, संस्थानों का सशक्तीकरण और सतत विकास सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि संशोधन के तहत मुस्लिम ट्रस्टों को वक्फ से अलग करने का प्रावधान किया गया है, जिससे ट्रस्टों पर व्यक्तियों का स्वामित्व बना रहेगा। इसके अलावा, वक्फ संपत्तियों के डिजिटल प्रबंधन के लिए एक केंद्रीय पोर्टल स्थापित किया जाएगा, जहां संपत्तियों की पंजीकरण प्रक्रिया, लेखा-परीक्षण, अंशदान और कानूनी मुकदमों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा।
संशोधन के अंतर्गत यह भी प्रावधान किया गया है कि केवल वे लोग ही अपनी संपत्ति वक्फ को समर्पित कर सकेंगे, जो कम से कम पांच वर्षों से इस्लाम धर्म का पालन कर रहे हैं। इससे 2013 से पहले की स्थिति बहाल होगी। साथ ही, वक्फ बोर्ड द्वारा पहले से पंजीकृत संपत्तियां तब तक पंजीकृत रहेंगी, जब तक वे विवादित न हों या सरकारी भूमि के रूप में चिह्नित न की गई हों।
सुरेश कश्यप ने कहा कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने और उनके पारदर्शी प्रबंधन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इससे मुस्लिम समुदाय को सशक्त बनाने और उनकी संपत्तियों की सुरक्षा में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस फैसले से वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता और सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा।



