- जल रक्षकों का विरोध प्रदर्शन – 24 मार्च को शिमला के चौड़ा मैदान में धरना
- सरकार पर उपेक्षा का आरोप – जल रक्षकों को मात्र ₹300 की बढ़ोतरी, उचित वेतन न मिलने की शिकायत
- अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी – सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील, अन्यथा टूल डाउन हड़ताल की तैयारी
Himachal Pradesh Water Guards Protest: हिमाचल प्रदेश के जल रक्षक महासंघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 24 मार्च को शिमला के चौड़ा मैदान में धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। महासंघ का कहना है कि पंचायतों के माध्यम से तैनात जल रक्षकों के साथ सरकार हमेशा सौतेला व्यवहार करती आई है। पिछले बजट सत्र में भी जल रक्षकों के वेतन में मात्र ₹300 की बढ़ोतरी की गई, जिसे महासंघ ने अपमानजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
जल रक्षकों का आरोप है कि उन्होंने हर संकट में सरकार का साथ दिया, चाहे वह प्राकृतिक आपदा हो या फिर कोरोना जैसी वैश्विक महामारी। बावजूद इसके, सरकार उनकी उचित मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रूप लाल उर्फ ज्वालू राम और महासचिव डोलम चंद ने सरकार से अपील की है कि वह 24 मार्च से पहले जल रक्षकों के हित में ठोस कदम उठाए, अन्यथा उन्हें आंदोलन के रास्ते पर जाना पड़ेगा।
जल रक्षक महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार कोई उचित फैसला नहीं लेती तो हिमाचल प्रदेश के सभी जल रक्षक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। महासंघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस आंदोलन के तहत टूल डाउन हड़ताल भी शामिल होगी, जिससे जल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। जल रक्षकों ने इस स्थिति के लिए सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है।



