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मंडी जिला के करसोग के मझास गांव में महिला से बर्बरता, आरोपी चरण दास फरार
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लोहे की जंजीरों से बांधने, बेड़ियां लगाने और गहरी चोटें देने के गंभीर आरोप
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पीड़िता मानसिक रूप से अस्वस्थ, एक्सरे और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आज दर्ज होगा केस
मंडी, विपलव सकलानी: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के करसोग क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मझास गांव में रहने वाले चरण दास नामक व्यक्ति ने अपनी साथ रह रही महिला शीतला देवी के साथ निर्ममता की हदें पार कर दीं। आरोप है कि चरण दास ने पहले महिला को बुरी तरह पीटा, फिर उसे लोहे की जंजीरों से बांधकर पांव में बेड़ियां लगाकर ताले से बंद कर दिया और घर से फरार हो गया।
पीड़िता का मेडिकल जांच करसोग अस्पताल में करवाया गया है। उसकी बाजू, पीठ, थाई और कानू पर गहरे चोटों के निशान हैं। डॉक्टरों की टीम आज उसका एक्सरे कर रही है, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
घटना तब सामने आई जब महिला की रोने-चिल्लाने की आवाजें सुनकर आसपास की महिलाएं मौके पर पहुंचीं। उसके शरीर की हालत देखकर पंचायत प्रतिनिधियों ने पुलिस को सूचना दी। रात 10 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को अस्पताल भेजा गया।
सामाजिक कार्यकर्ता पूर्ण चंद कौंडल ने मामले को उजागर करते हुए बताया कि चरण दास सीताराम गुप्ता के सेब बागान में काम करता है और पिछले करीब दो महीने से शीतला देवी को अपने घर पर रखे हुए था, जबकि उसकी पहले से पत्नी और बच्चे भी वहीं रहते हैं।
SHO करसोग सोमदत्त ने बताया कि महिला के एक्सरे रिपोर्ट के बाद धारा 323, 342 और 506 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। SHO ने यह भी कहा कि पीड़िता चरण दास की कानूनी पत्नी नहीं है, लेकिन वह बिना विवाह के उसके साथ रह रही थी।
पूर्ण चंद ने बताया कि पीड़िता मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं है और परिवारिक हालात बेहद कमजोर हैं। पहले भी उसका तलाक हो चुका है और मायके से भी संबंध नहीं के बराबर हैं। वहीं आरोपी चरण दास शराब के नशे में हिंसक व्यवहार करता रहा है, जिसकी शिकायतें पहले भी थीं।
इस अमानवीय कृत्य से स्थानीय लोगों में भारी रोष है और चरण दास की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग उठ रही है।



