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धर्मशाला में ऑल इंडिया ट्रेकिंग कैंप में पहली ट्रेकिंग गतिविधि पूरी, कैडेट्स ने भागसूनाग मंदिर तक किया सफल ट्रेक
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204 नए एनसीसी कैडेट्स का स्वागत, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल से हुई चयन
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कर्नल मनीष मोदी ने स्वागत समारोह में किया युवाओं को प्रेरित, साहसिक प्रशिक्षण को बताया राष्ट्रीय एकता का सेतु
धर्मशाला, शिवांशु शुक्ला: भारतीय सेना के धर्मशाला छावनी स्थित प्रशिक्षण केंद्र में इन दिनों चल रहे ऑल इंडिया ट्रेकिंग कैंप में आज कई महत्वपूर्ण गतिविधियाँ की गई । इस कैंप का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को प्रकृति की गोद में साहसिक गतिविधियों का प्रशिक्षण देना और उनके व्यक्तित्व विकास में सहायता करना है।
कैंप के पहले बैच के प्रतिभागियों ने आज धर्मकोट से भागसुनाग तक की अपनी ट्रेकिंग सफलतापूर्वक पूरी की। यह सफर न केवल शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण था, बल्कि इस दौरान युवाओं को हिमाचल की स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को नजदीक से देखने का भी अवसर मिला।कैडेट्स ने भागसूनाग मंदिर में जाके मंदिर के इतिहास को जाना की कैसे अपनी प्रजा के हित के लिए राजा भागसू ने नाग भूमि पर पहुंचे तथा कैसे नाग देवता ने अपने नाम के साथ राजा भागसू का नाम जोड़कर उसे सदा के लिए अमरत्व प्रदान कर दिया। तभी इस स्थान का नाम भागसूनाग प्रसिद्ध हुआ।

आज के दिन कैंप में दूसरे बैच के 204 नए प्रतिभागियों का वेलकम ऐड्रेस हुआ। इन नए कैडेट्स का चयन पंजाब हरियाणा हिमाचल प्रदेश ऐंड चंडीगढ़, राजस्थान और उत्तराखंड डायरेक्टोरेट से किया गया है। स्वागत समारोह के मुख्य अतिथि कर्नल मनीष मोदी (कमांडिंग ऑफिसर) ने युवाओं को संबोधित करते हुए इस प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रतिभागियों का विवरण देखें तो पंजाब हरियाणा हिमाचल प्रदेश ऐंड चंडीगढ़ डायरेक्टरेट से सोलन, पालमपुर ,धर्मशाला,सुंदरनगर , मंडी, शिमला, कुल्लू और नाहन , उत्तराखंड डायरेक्टरेट से अल्मोड़ा और रुड़की, तथा राजस्थान डायरेक्टरेट से उदयपुर, जोधपुर और कोटा की गर्ल एनसीसी कैडेट्स इस कैंप में शामिल हुई हैं। यह क्षेत्रीय विविधता कार्यक्रम को और भी समृद्ध बना रही है।
आने वाले दिनों में प्रतिभागियों के लिए कई रोमांचक गतिविधियाँ निर्धारित की गई हैं।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजकों का मानना है कि ऐसे आयोजन न केवल कैडेट्स को प्रकृति से जोड़ते हैं, बल्कि उन्हें देश की सांस्कृतिक विविधता को समझने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का भी अवसर प्रदान करते हैं। कैंप के सफल संचालन में हिमाचल प्रदेश एनसीसी के अधिकारियों और प्रशिक्षकों का विशेष योगदान है।



