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चिकित्सक से 2.7 करोड़ की ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी, मामला शिमला साइबर थाना में दर्ज
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आरोपी प्रदीप ने पूछताछ में कबूला- गौरव आहूजा बेनामी खातों की व्यवस्था करता था, रकम USDT में लगाई
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अब तक चार आरोपी गिरफ्तार, 13 बैंक खातों और जेपी मॉर्गन चेस के खातों में ट्रांसफर हुई थी ठगी की रकम
Shimla Cyber Fraud: शिमला साइबर पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है जिसमें एक चिकित्सक को ऑनलाइन स्टॉक और क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर 2.7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में मुख्य आरोपी प्रदीप कुमार, निवासी ग्रेटर नोएडा, ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसका सहयोगी गौरव आहूजा बेनामी बैंक खातों की व्यवस्था करता था। इन खातों में पीड़ित की रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी और फिर यह धनराशि गौरव द्वारा प्रदीप को सौंपी जाती थी। प्रदीप ने गौरव से मिले 8.37 लाख रुपये को रवि कसाना और राहुल के साथ मिलकर USDT (Tether) में निवेश किया। यह क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग में उपयोग होने वाला स्टेबलकॉइन है, जो बाज़ार की अस्थिरता से बचाने के लिए जाना जाता है।
यह मामला 17 दिसंबर 2024 को शिमला के साइबर थाना में आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट के तहत दर्ज हुआ था। जांच के दौरान अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें प्रदीप, गौरव आहूजा, अमृत दास और बाल मोहन शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 13 अलग-अलग बैंक खातों में 2.70 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। साथ ही, जेपी मॉर्गन चेस के तीन खातों में भी ट्रांजेक्शन हुआ, जो अलग-अलग लाभार्थियों के नाम पर खोले गए थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बेनामी खाताधारकों की पहचान और गिरफ्तारी अब भी शेष है।
सबसे पहले पुलिस की नजर गुडगांव के आरोपी अमृत दास पर पड़ी, जिसके खाते में 8.37 लाख रुपये जमा हुए थे। बैंक रिकॉर्ड में सामने आया कि यह रकम निकालते वक्त बाल मोहन (गौरव आहूजा का ड्राइवर) उसके साथ मौजूद था। बाल मोहन ने यह राशि जाकर गौरव आहूजा को सौंप दी, जो गुड़गांव के सेक्टर-57 का निवासी है।
इसके बाद 30 दिसंबर को गौरव की गिरफ्तारी हुई, और उसके बयान के आधार पर प्रदीप कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। प्रदीप 12 मार्च 2025 से कैथू जेल में न्यायिक हिरासत में था। फिलहाल उसे उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार होने के बाद, 1 लाख रुपये के व्यक्तिगत मुचलके और समान राशि के दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा किया गया है।



