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SC-ST एक्ट में बदलाव के खिलाफ ‘भारत बंद’, प्रदर्शनकारियों ने रोकी ट्रेनें

समाचार फर्स्ट |

एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में दलित संगठनों ने सोमवार को भारत बंद का एलान किया है। सोमवार तड़के उड़ीसा के संभलपुर में रेल पटरियों पर जमा हो गए और ट्रेनों की आवाजाही रोक दी।

उधर, केंद्र सरकार आज इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दायर करेगी। दरअसल, पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट का गलत इस्तेमाल होने पर चिंता जाहिर करते हुए इसमें कुछ बदलाव किए थे। कोर्ट के इस फैसले पर दलित संगठन कानून को कमजोर करने की दलील दे रहे हैं और लगातार विरोध में आवाज उठा रहे हैं।

यहां से शुरू हुआ था मामला

यह मामला 2009 में महाराष्ट्र के सरकारी फार्मेसी कॉलेज में एक दलित कर्मचारी की तरफ से प्रथम श्रेणी के दो अधिकारियों के खिलाफ कानूनी धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराने का है। डीएसपी स्तर के पुलिस अधिकारी ने मामले की जांच की और चार्जशीट दायर करने के लिए अधिकारियों से लिखित निर्देश मांगा। संस्थान के प्रभारी डॉ सुभाष काशीनाथ महाजन ने लिखित में निर्देश नहीं दिए। इसके बाद दलित कर्मचारी ने सुभाष महाजन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। सुभाष महाजन ने हाईकोर्ट में उस एफआईआर को रद्द करने की मांग की, जिसे हाईकोर्ट ने ठुकरा दिया।

महाजन ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने महाजन के खिलाफ एफआईआर हटाने के निर्देश दिए थे और एससी एसटी एक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत को भी मंजूरी दी थी।