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जस्टिस बीआर गवई होंगे भारत के नए प्रधान न्यायाधीश

  • जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश नियुक्त

  • 14 मई को लेंगे पद की शपथ, राष्ट्रपति दिलाएंगी शपथ

  • छह माह का कार्यकाल, कई ऐतिहासिक फैसलों में रहे शामिल



BR Gavai appointed Chief Justice;जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में नियुक्त किया गया है। कानून मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, वह 14 मई 2025 को पद की शपथ लेंगे, जो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिलाई जाएगी। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना 13 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

जस्टिस गवई की नियुक्ति कई मायनों में ऐतिहासिक है। वे भारत के दूसरे दलित CJI होंगे। इससे पहले जस्टिस केजी बालाकृष्णन 2007 से 2010 तक इस पद पर रहे थे। जस्टिस गवई का कार्यकाल करीब छह महीने का होगा क्योंकि वे 23 नवंबर 2025 को 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

न्यायिक करियर की शुरुआत उन्होंने 1985 में वकील के रूप में की थी। 2003 में बॉम्बे हाई कोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश और 2005 में स्थायी न्यायाधीश बने। 2019 में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त हुए।

उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों में फैसले दिए हैं। अनुच्छेद 370 हटाने, नोटबंदी, ईडी निदेशक कार्यकाल, राजीव गांधी हत्याकांड, और बुलडोजर कार्रवाई जैसे मामलों में उन्होंने निर्णायक भूमिका निभाई।

प्रमुख फैसले


  • नोटबंदी (2023): सरकार की योजना को वैध करार दिया

  • राजीव गांधी हत्याकांड (2022): दोषियों की रिहाई को मंजूरी

  • वणियार आरक्षण (2022): असंवैधानिक घोषित किया

  • ईडी निदेशक का कार्यकाल (2023): विस्तार को अवैध ठहराया

  • बुलडोजर कार्रवाई पर रोक (2024): बिना कानूनी प्रक्रिया कार्रवाई को असंवैधानिक कहा

इसके अलावा, उन्होंने मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी को राहत दी, तीस्ता शीतलवाड़, मनीष सिसोदिया और के कविता को जमानत दी।

जस्टिस गवई के पिता आरएस गवई भी चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता और बिहार व केरल के राज्यपाल रह चुके हैं।