➤ NEET UG 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक आरोपों के बाद NTA का बड़ा फैसला
➤ CBI करेगी जांच, छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा
➤ जांच में 600 नंबर के सवाल पहले ही लीक होने के दावे से मचा हड़कंप
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने देशभर में 3 मई को आयोजित हुई NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है। परीक्षा में कथित पेपर लीक और बड़े स्तर पर गड़बड़ी के आरोपों के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है। NTA ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है और अब पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाएगी।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी चिंता और असमंजस का माहौल है। एजेंसी ने कहा है कि परीक्षा की नई तारीखें जल्द घोषित की जाएंगी। साथ ही छात्रों को दोबारा आवेदन या रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं होगी। पुराने परीक्षा केंद्र ही बरकरार रहेंगे और री-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
NTA ने यह भी जानकारी दी कि परीक्षा में शामिल छात्रों की फीस वापस की जाएगी। एजेंसी का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि कथित तौर पर पेपर छपने से पहले ही सवाल नकल गिरोह तक पहुंच गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स और जांच एजेंसियों की प्रारंभिक पड़ताल के अनुसार, बायोलॉजी के 90 में से 90 सवाल और केमिस्ट्री के 45 में से 35 सवाल हूबहू परीक्षा में आए। इससे पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक इस पेपर लीक के तार सीधे जयपुर से जुड़े हुए हैं। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जयपुर से मनीष नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिसे इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। एजेंसियां उसके संपर्कों और दूसरे राज्यों में फैले नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि लीक किए गए सवालों को अन्य प्रश्नों के साथ मिलाकर एक बड़ा क्वेश्चन बैंक तैयार किया गया था। इसी क्वेश्चन बैंक को छात्रों तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों ने कई छात्रों से पूछताछ की है, जिनमें कुछ ने पैसे के लेनदेन की बात भी स्वीकार की है। अब एजेंसियां पूरे मामले की मनी ट्रेल खंगालने में जुटी हैं।
NTA के अनुसार, 8 मई 2026 को ही मामले से जुड़ी शुरुआती जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई थी। जांच में मिले तथ्यों और रिपोर्ट्स के आधार पर परीक्षा को दोबारा कराने का निर्णय लिया गया।
राजस्थान में कई छात्रों के पास हाथ से लिखे हुए कथित गेस पेपर मिले थे, जिनके सवाल असली परीक्षा से मेल खाते पाए गए। 10 मई को SOG ने देहरादून, सीकर और झुंझुनूं में कार्रवाई करते हुए 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा के कुल 720 अंकों में से करीब 600 नंबर के सवाल परीक्षा से दो दिन पहले ही कुछ छात्रों तक पहुंच गए थे। बताया जा रहा है कि यह गेस पेपर केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे MBBS छात्र द्वारा सीकर में अपने दोस्त को भेजा गया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी गेस पेपर से कुछ सवाल परीक्षा में आ जाना सामान्य माना जा सकता है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में सवालों का हूबहू मैच होना बेहद गंभीर मामला है और यह बड़े स्तर की लीक की ओर संकेत करता है।
यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा विवादों में आई हो। वर्ष 2024 में भी पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। उस समय बिहार और झारखंड में जांच के दौरान कई गिरफ्तारियां हुई थीं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द नहीं की थी, लेकिन कुछ केंद्रों पर दोबारा परीक्षा कराई गई थी।
अब NEET UG 2026 रद्द होने के बाद देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर गंभीर बहस शुरू हो गई है।



