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आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और मंगलवार का दिन है, साथ ही ‘दूसरा बड़ा मंगल’ व्रत का विशेष संयोग भी बन रहा है
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धनिष्ठा नक्षत्र, इंद्र योग, बव करण के साथ पंचक की शुरुआत आज सुबह 07:35 बजे से हो चुकी है, जिसे ‘अग्नि पंचक’ कहा जाता है
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हनुमानजी को चोला और सिंदूर चढ़ाकर पूजन करने से समस्त बाधाएं दूर होती हैं और मंगल दोष का शमन भी संभव है
BadaMangal2025: 20 मई 2025 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह न केवल मंगलवार है बल्कि ज्येष्ठ मास का दूसरा बड़ा मंगल भी है, जिसे बुढ़वा मंगल कहा जाता है। आज के दिन विशेष पूजन से भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त होती है, जो व्यक्ति के जीवन की समस्त नकारात्मक शक्तियों, भय और बाधाओं का नाश करती है।
आज से 5 दिन का पंचक भी प्रारंभ हो गया है, जो मंगलवार को शुरू हुआ है, इसलिए इसे ‘अग्नि पंचक’ कहा गया है। इस दौरान अग्नि, लोहे या निर्माण कार्यों से संबंधित कार्यों से परहेज करना चाहिए। वहीं, आज के दिन हनुमान मंदिर में सिंदूर, चोला, और श्रीराम-हनुमान की संयुक्त पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
आज के मुहूर्तों की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:06 से शुरू हुआ और शुभ विजय व अभिजीत मुहूर्त दोपहर में पड़ रहे हैं। वहीं, अशुभ समय में राहुकाल, यमघण्ट, गुलिक काल और पंचक को लेकर सतर्कता आवश्यक है। दिशाशूल उत्तर दिशा में है, अतः वहां यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
पंचक की समाप्ति 21 मई को प्रातः 5:28 बजे होगी। इस बीच अग्नि से जुड़े सभी कार्य, यात्रा, दाह संस्कार इत्यादि वर्जित माने गए हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज का दिन मंगल दोष, भूत-प्रेत बाधा, और पारिवारिक कलह जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाने वाला है।



