International Yoga day: करो योग रहो निरोग

  • 20 Jun 2019
  • Reporter: समाचार फर्स्ट डेस्क

21 जून को इंटरनेशनल योगा डे मनाया जा रहा है। इस दिन हर कोई योग करने के फायदों के बारे में बात करेगा। सोशल मीडिया पर भी #Yogaday खूब ट्रेन्ड करेगा। नेता से लेकर अभिनेता हर कोई योग दिवस की बधाई अपने सोशल मीडिया पर देगा। युवा भी इस मामले में पीछे नहीं है।

वहीं, हम आम लोग भी विश्व योग दिवस के मौके पर रोज़ाना योगा करने का खुद से प्रॉमिस करेंगे। इन सबके साथ योगा डे के मैसेजेस, फोटो भी एक-दूसरे को भेजे जाएंगे। लेकिन योग करने से ही जीवन निरोग रहता है और कई तरह की बीमारियों, से भी छुटकारा मिलता है।

पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जनसाधरण के बीच ही मनाया जाता था। अब योग का दायरा बढ़ रहा है। इस बार अर्द्धसैनिक बलों जैसे सीआईएसएफ, पीएसी आदि के बीच भी यह दिवस आयोजित किया जाएगा। ‘नमो गंगे’ इसकी अगुवाई करेगा।

योग दिवस की शुरुआत

संयुक्त राष्ट्र की इस घोषणा के बाद 2015 से हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। 177 से अधिक देशों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का समर्थन किया। प्रधानमंत्री के इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 90 दिनों से भी कम समय में पारित कर दिया। जो संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतिहास में पहली बार हुआ। आयुष मंत्रालय एवं भारत सरकार इसकी नोडल एजेंसी है और यह दोनों मिलकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के दिन विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन करती हैं।

योग मन, मस्तिष्क एवं शरीर का एक अभ्यास है। योग की विभिन्न शैलियां होती हैं जिनमें शारीरिक मुद्राएं, सांस लेने की टेक्निक और मेडिटेशन एवं रिलैक्सेशन आदि शामिल है। योग सिर्फ व्यायाम भर नहीं है, बल्कि विज्ञान पर आधारित शारीरिक क्रिया है। इसमें मस्तिष्क, शरीर और आत्मा का एक-दूसरे से मिलन होता है। साथ ही मानव और प्रकृति के बीच एक सामंजस्य कायम होता है। यह जीवन को सही प्रकार से जीने का एक पथ भी है।

श्रीकृष्ण ने गीता में भी कहा है कि 'योग: कर्मसु कौशलम' यानी योग से कर्मों में कुशलता आती है।

योग शब्द की उत्पत्ति

योग शब्द संस्कृत भाषा के युज से लिया गया है जिसका अर्थ है एक साथ जुड़ना। दिल-दिमाग और शरीर पर नियंत्रण रखने एवं खुशहाल जीवन के लिए योग काफी लोकप्रिय है। देखा जाए तो योग प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति का हिस्सा रहा है लेकिन पिछले कुछ सालों से यह बहुत अधिक लोकप्रिय हो गया है। योग और ध्यान को अध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से हमारे शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए अनिवार्य माना गया है। योग के माध्यम से मस्तिष्क और शरीर का संगम होता है। योग का अभ्यास हमारे मन को संयमी बनाता है।  

योग कई रोगों से दिलाता है छुटकारा

योग शरीर को लचीला और मजबूत बनाता है। इसके साथ ही योग मन को शांत, तरो-ताज़ा और स्फूर्ति, रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ना, दिमाग को तनाव से दूर रखना, दर्द और मोटापा से छुटकारा, औरतों में मासिक धर्म में और प्रेगनेंसी में लाभकारी, बेहतर श्वसन प्रणाली, गैस और कब्ज से भी छुटकारा दिलाता है।