मंडी: BBMB झील में डूबतों को बचाने वाला अब खुद लाचार, सड़क हादसे में रीड़ की हड्डी में लगी चोट

  • 21 Nov 2020
  • Reporter: बीरबल शर्मा

एक समय था जब ग्राम पंचायत चौक का अनंत राम बीबीएमबी झील से डूब रहे सैंकड़ों लोगों और बेजुबान पशुओं को बचाता था। लेकिन आज ये जिंदादिल युवक सड़क दुर्घटना में रीड़ की हड्डी में चोट लगने के कारण बिस्तर का मोहताज हो गया है। मामला उपमंडल सुंदरनगर के तहत आने वाली ग्राम पंचायत चौक कहा है। जहां एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। परिवार की रोजीरोटी चलाने वाला एकमात्र सहारा अनंत राम बीते 3 नवंबर को नैनो कार की चपेट में आने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस हादसे को 2 सप्ताहों से अधिक समय बीत चुका है और दुर्घटना के दौरान इस युवक की रीड की हड्डी में काफी गंभीर चोटें आई हैं। 

आईजीएमसी शिमला में उपचार के बाद चिकित्सकों ने घर भेज दिया है। लेकिन युवक की हालत इतनी खराब है कि उसे बेड पर पलटने के लिए भी अन्य लोगों का सहारा लेना पड़ रहा है। ट्रैक्सी चलाकर अपने परिवार का पेट पालने वाले इस युवक की दुर्घटना में मानो जिंदगी ही उजड़ गई है। आजतक पीड़ित अनंत राम की टक्कर मारने वाले और प्रशासन के किसी भी नुमाइंदों ने सुध ली है। इस कारण परिवार और ग्रामवासियों में भारी रोष है। 

पीड़ित आनंतराम के पिता का कहना है कि परिवार में कमाने वाला यह इकलौता उसका पुत्र था जो सड़क हादसे की चपेट में आने से लाचार हो गया है। उन्होंने कहा कि अनंत राम के पिता पत्नी और एक छोटे से बच्चे के अलावा उसकी मां है और अपने परिवार का यह एकमात्र ही सहारा भरण पोषण करने वाला था। लेकिन कंट्रोल गेट के पास 3 नवंबर को हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल अनंत राम अब चलने फिरने को भी मोहताज होकर रह गया है । वहीं, अनंत राम की पत्नी पूनम कुमारी ने कहा कि अनंत राम परिवार का एकमात्र सहारा था और ये भी दुर्घटना का शिकार है। उन्होंने कहा कि आज उनके पति को उठाने के लिए भी अन्य लोगों का सहारा लेना पड़ता है। पूनम कुमारी ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 

इधर, ग्राम पंचायत चौक प्रधान कमलेश ठाकुर ने कहा कि अनंतराम और उसके परिवार की स्थिति को मध्य नजर रखते हुए हालात सामान्य होने तक परिवार का भरण पोषण और इलाज का पूरा खर्चा हादसे को अंजाम देने वाला उठाएं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पंचायत ने प्रस्ताव पारित करके जिला प्रशासन और सरकार को भेजकर परिवार की सहायता करने की मांग उठाई है।