छात्रवृत्ति घोटाला: CBI ने दी दबिश, तीन जिलों के रिकोर्ड हुए जब्त

  • 09 Jul 2019
  • Reporter: नवनीत बत्ता

हिमाचल में 250 करोड़ से ज्यादा के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में जुटी सीबीआई ने मंगलवार को तीन जिलों के आठ शैक्षणिक संस्थानों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कांगड़ा, चंबा और ऊना जिलों में जांच एजेंसी ने इन संस्थानों का रिकॉर्ड जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई पहले भी  हिमाचल में शिमला, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर, चंबा और कांगड़ा स्थित कई शैक्षणिक संस्थानों के अलावा करनाल, मोहाली, नवांशहर, अंबाला और गुरदासपुर में की गई थी। एक साथ मारे गए छापों से निजी संस्थानों में हड़कंप मच गया है। कई और निजी संस्थान भी सीबीआई के रडार पर हैं, जहां आने वाले दिनों में सीबीआई दबिश दे सकती है।  

उल्लेखनीय है कि हिमाचल सरकार की सिफारिश पर सीबीआई ने बीते 9 मई को मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। एफआईआर के पांच दिन बाद ही सीबीआई ने हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 22 शैक्षणिक संस्थानों के ठिकानों पर छापे मारे थे।

सत्ता में आने के बाद जयराम सरकार ने अपने मंत्री रामलाल मारकंडा की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग से जांच कराई जिसमें साल 2013-14 से 2016-17 तक 2.38 लाख अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति जारी करने के दौरान हुई गड़बड़ी की बात सामने आई। इसी अवधि के दौरान 2772 शिक्षण संस्थानों को छात्रवृत्ति वितरित की गई जिसमें 266 निजी शिक्षण संस्थान शामिल थे।

बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों में घोटाले के दौरान प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं के ब्यौरे के अलावा प्रदेश और केंद्र सरकार से मिली वित्तीय सहायता का लेखा-जोखा शामिल है, जिसे सीबीआई ने अपने कब्जे में लिया है।