क्या इस बार भी कांगड़ा ही तय करेगा राजनीति की दिशा और दशा?

  • 05 Nov 2017
  • Reporter: पी. चंद

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का चुनाव रोचक मोड़ पर आ पहुंचा है। नेताओं का प्रचार भीड़ और मतदाताओं की खामोशी बड़े उलटफेर की ओर संकेत कर रही है। हिमाचल के बारह बड़े जिलों की बात करें तो कांगड़ा जिला इस बार भी नई सरकार बनाने की दिशा में अहम भूमिका अदा करता नजर आ रहा है। क्योंकि जो भी दल कांगड़ा की पंद्रह सीटों में से 10 सीट ले जाएगा हिमाचल की सत्ता पर अगले पांच साल तक राज करेगा। लेकिन, कांगड़ा के मूड का अंत तक पता नहीं चलता है।

उसके बाद सबसे बड़ा जिला मंडी है जहां 10 विधानसभा सीट है। राजनीतिक जानकारों की माने तो सुखराम परिवार के भाजपा में शामिल हो जाने के बाद मंडी में बीजेपी का पलड़ा भारी हो गया है। इसके बाद आठ सीटों वाले शिमला जिला की बात करे तो कांग्रेस का गढ़ माने जाने शिमला में कांग्रेस की स्थिति मजबूत बताई जा रही है।

इसके अलावा हमीरपुर की पांच सीटों एवम बिलासपुर की चार सीटों पर भाजपा को बढ़त मिलती दिख रही है तो वहीं सोलन, सिरमौर में कांग्रेस की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। इसमें 19 -21 का फर्क हो सकता है। उधर चम्बा, कुल्लू, ऊना , किन्नौर और स्पीति की एक-एक सीट पर भी कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर की बात कही जा रही है।