मुख्यमंत्री ने दिए क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मुरम्मत के निर्देश, 10 दिनों के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत करे रिपोर्ट

  • 14 Sep 2018
  • Reporter: पी. चंद, शिमला

बरसात के दौरान अत्यधिक वर्षा और भूःस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल और गुणवत्तायुक्त मुरम्मत और रख-रखाव सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने निर्देश दिए। मुख्यमंत्री शुक्रबार  को राष्ट्रीय राजमार्गों के वर्षा से क्षतिग्रस्त होने पर उनकी मुरम्मत और पुनर्बहाली के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ढलानों को स्थिर करने के लिए रॉक बोल्टिंग जैसी नई तकनीक को अपनाने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पादन एजेंसियों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में पर्याप्त श्रमशक्ति और मशीनों की तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भूस्खलन की स्थिति में सड़क को शीघ्र बहाल किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सरकार गड्ढों से मुक्त तथा बेहतर सड़कें सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दे रही है ताकि यात्रियों को यात्रा करते समय किसी प्रकार की असुविधा न हो। जय राम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों का आसान प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए इन सड़कों से ढीली मिट्टी और पत्थरों को हटाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने गड्ढों को भरने तथा राष्ट्रीय राजमार्गों की आपात मुरम्मत सुनिश्चित बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए और कार्यवाही रिपोर्ट 10 दिनों के भीतर उनके कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में मुरम्मत का प्रावधान किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में सड़कों की प्रभावी मुरम्मत एवं रख-रखाव सुनिश्चित किया जा सके।