हार के डर से गाली- गलौज पर उतरी बीजेपी- रामलाल ठाकुर

  • 15 Apr 2019
  • Reporter: नवनीत बत्ता

सोमवार को कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार रामलाल ठाकुर ने कुटलहर में जनसभा को संबोधित किया और उन्होंने एक बार फिर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती की अभद्र टिप्पणी पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि बीजेपी के लोग तो अब हिमाचल प्रदेश में चुनाव के माहौल को ही बदलने में आमद हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हमेशा ही सौहार्दपूर्ण माहौल में चुनाव प्रचार होता रहा है लेकिन इस बार पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि खुद को एक शब्द पार्टी के अध्यक्ष बताने वाले प्रदेशाध्यक्ष मंच के माध्यम से ही गाली गलौज पर उतर आए हैं।

उन्होंने कहा कि गाली- गलौज जैसी स्थिति प्रदेश में पहली बार देखने को मिल रही है और यह बताता है कि बीजेपी के नेताओं में किस तरह से हताशा बढ़ती जा रही है। जैसे-जैसे चुनाव पास आ रहे हैं बीजेपी को अपनी हार दिखाई दे रही है यही कारण है कि प्रदेश अध्यक्ष ने कल इस तरह की घटिया टिप्पणी आम जनसभा में ही कर दी। जहां पर कि हमारी मां, बहनें और बेटियां भी बैठी हुई थीं उन्होंने कहा कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अपने इस बात के लिए सार्वजनिक मंच से माफी मांगे और दूसरी बड़ी बात कि जो खुद को अनुशासन वाली पार्टी मानती है वह भी सतपाल सिंह सत्ती की इस टिप्पणी पर अपनी स्थिति को स्पष्ट करें। वह बताएं कि बीजेपी का इस मामले को लेकर क्या स्टैंड है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मामले को सड़कों पर लेकर जाने का मन बना चुकी है क्योंकि यह आरोप नहीं है बल्कि ये गाली गलौज मंच के माध्यम से हुआ है और इससे हमारे मां बहनों की इज्जत की मौत हुई है।

सा? क्योंकि बीजेपी एक बड़ी अनुशासनात्मक पार्टी होने का ढिंडोरा पूरे देश में पीट रही है जिसका की सतपाल सिंह सत्ती ने खुथ ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बार फिर बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सतपाल सत्ती ने जिस तरह से सार्वजनिक मंचों से ही गालियां निकालने शुरू कर दी हैं उससे स्पष्ट होता है कि पार्टी कितनी हताशा में है और अब इस हार को प्रदेश की जनता समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता इस स्थिति को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें कि क्या वह सतपाल सत्ती से इस गाली-गलौज के लिए सार्वजनिक मंच से माफी मांगने को कहेंगे? क्या वह उनसे इस्तीफा देने को कहेंगेलासा अपने इस भाषण के माध्यम से कर दिया है।