डॉ. रेड्डी लैबोरट्रीज लिमिटेड में भेरे जाएंगे 25 पद, 4 मार्च को ITI शाहपुर में होगा इंटरव्यू

  • 02 Mar 2021

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शाहपुर के प्रधानाचार्य, इंजीनियर तरूण कुमार ने बताया कि 4 मार्च, 2021 को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शाहपुर में बद्दी की प्रतिष्ठित दवा कम्पनी डॉ. रेड्डी लैबोरेट्रीज लिमिटेड द्वारा साक्षात्कार लिए जायेंगे। उन्होंने बताया कि जिन अभ्यार्थियों ने वर्ष 2020 में मेडिकल या नॉन मेडिकल में प्लस टू पास हैं और आयु 18 से 20 वर्ष के बीच है, उन छात्र-छात्राओं के लिए कम्पनी द्वारा पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। चयनित होने पर जहां कम्पनी अभ्यार्थियों को नौकरी देगी, वहीं कंपनी द्वारा प्रायोजित चितकारा विश्वविद्यालय से फार्मास्यूटिकल साइंसेज में बी.एस.सी. डिग्री भी प्राप्त कर पायेंगे। चयनित उम्मीदवारों को तीन कार्यशील पारियों (ए.बी.सी) के साथ संचालन में तैनात किया जाएगा और उनके लिए 2 साल का छात्रावास, रहना और कम्पनी प्रायोजित स्नातक होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा 25 पद भरे जायेंगे।

प्रधानाचार्य ने बताया कि इस कैंपस साक्षात्कार में वे युवक-युवतियां भाग ले सकते हैं जिनका जन्म 1 मार्च 2001 और 1 मार्च 2003 के बीच हुआ हो और जिन्होंने प्लस टू की परीक्षा 60 प्रतिशत अंकों के साथ मेडिकल या नॉन मेडिकल में वर्ष 2020 में पास की हो और जो हिन्दी और इंग्लिश पढ़ना, लिखना और बोलना जानता हो। इस कैंपस साक्षात्कार में वे छात्र-छात्राएं भाग नहीं ले सकते हैं जिन्होंने प्लस टू सप्लीमेंट्री परीक्षा से पास की हो। 

उन्होंने बताया कि चयनित होने पर अभ्यार्थी को वार्षिक 1.45 लाख सीटीसी सैलरी मिलेगी। साथ ही उन्हें चितकारा यूनिवर्सिटी से फार्मास्यूटिकल साइंस में बी.एस.सी. की डिग्री दी जाएगी। इसके अलावा रियायती दर पर हॉस्टल, कैंटीन और परिवहन सुविधा दो सालों के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी। इस कैंपस साक्षात्कार में भाग लेने वाले अभ्यार्थियों को अपने साथ दसवीं और जमा दो के शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों के अलावा, आधार कार्ड, हिमाचली प्रमाण-पत्र सभी ओरिजिनल और एक सैट छाया प्रति और दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स साथ लाना अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया के तहत सबसे पहले रिटन टेस्ट, उसके बाद पीडीटी, न्यूरो मस्कुलर टेस्ट, ग्रुप डिस्कशन और व्यक्तिगत परिचय के बाद उनका चयन किया जाएगा। चयनित होने पर उन्हें टैक्नीकल ट्रेनी के तौर पर रखा जाएगा।