नड्डा की ताजपोशी के जश्न में डूबा बिलासपुर, समर्थकों ने पटाखे फोड़कर किया खुशी का इजहार

  • 18 Jun 2019
  • Reporter: नवनीत बत्ता

बिलासपुर से ताल्लुक रखने वाले जगत प्रकाश नड्डा को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल गई है। नड्डा के राष्ट्रीय बीजेपी कार्यकारिणी में अध्यक्ष पद की ताजपोशी के बाद पूरा बिलासपुर जश्न में डूब गया है। जिला मुख्यालय के अलावा जिले के विभिन्न स्थानों पर जगत प्रकाश नड्डा की ताजपोशी पर मिठाइयां बांटी गई। वहीं, आतिशबाजी-पटाखों के साथ जोरदार जश्न मनाया गया।

बिलासपुर के गुरुद्वारा मार्केट में भाजपाइयों ने जेपी नड्डा के शपथ ग्रहण समारोह को लाइव देखने की भी व्यवस्था कर रखी थी। एक दुकान के आगे टीवी लगाकर आम लोगों ने भी नड्डा को शपथ ग्रहण करते हुए देखा। जैसे ही शपथ समारोह पूरा हुआ तो गुरुद्वारा चौक पर जोरदार आतिशबाजी की गई। जिला भाजपा नेताओं ने इस अवसर पर मिठाइयां बांटी।

जानिए जेपी नड्डा के बारे में
 
बिलासपुर से संबध रखने वाले जेपी नड्डा का जन्म बिहार राज्‍य के पटना में 2 दिसंबर, 1960 में डॉ. नारायण लाल नड्डा के घर हुआ। उनकी शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल पटना में हुई। पटना कॉलेज और पटना विश्वविद्यालय में बीए और एलएलबी की शिक्षा ग्रहण की। नड्डा 16 साल की उम्र में छात्र राजनीति में आ गए थे और वर्ष 1977 में पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव में सचिव के पद पर चुने गए। उन्‍होंने करीब 13 साल विद्यार्थी परिषद में सक्रिय तौर पर योगदान दिया था। फि‍र वर्ष 1993 में नड्डा पहली बार हिमाचल विधानसभा पहुंचे।

जेपी नड्डा का सियासी सफर

जेपी नड्डा वर्ष 1994 से 1998 तक पार्टी के नेता रहे और वर्ष 1998 में दोबारा विधायक चुने जाने पर धूमल सरकार में उन्‍हें स्‍वास्‍थ्‍य और संसदीय मामलों का मंत्री बनाया गया। उन्‍हें वर्ष 2007 के चुनावों में फिर से विधायक बने और धूमल सरकार में वन, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग मंत्री का जिम्‍मा सौंपा गया, मगर इस दौरान राजनीतिक विवाद के चलते उन्‍हें पद से इस्‍तीफा देकर केंद्र की राजनीति में पलायन करना पड़ा था।

बीजेपी में उनकी अहमियत इसी से पता चलती है कि हिमाचल से केंद्र में आने के बाद बीजेपी ने उन्‍हें 2012 में हिमाचल से राज्‍यसभा का सदस्‍य बनाकर संसद में भेजा और वर्ष 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद उन्‍हें को केंद्रीय कैबिनेट में जगह मिली और नवंबर, 2014 स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री का कार्यभार सौंपा गया था।