देशभर में आज गणेश चतुर्थी की धूम, कहीं किताबों तो कहीं नारियलों में दिखे बप्पा

  • 01 Sep 2019
  • Reporter: समाचार फर्स्ट डेस्क

आज से देशभर में गणेश उत्सव की धूम शुरू हो गई है। देश के लगभग हर राज्य में गणपति बप्पा के आगमन के साथ ही 10 दिनी त्योहार का शुभारंभ हो रहा है। हर घर में आज बप्पा की मूर्ति की स्थापना की जा रही है। हर साल की तरह इस साल भी बप्पा लोगों को दर्शन के साथ संदेश भी देंगे। आज लोग अपने घरों में बप्पा की स्थापना करेंगें और 10 दिन तक मूर्ति की पूजा की जाएगी फिर 12 सितंबर को मूर्ति को विसर्जित कर दिया जाएगा।

हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार गणेश का जन्म भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को हुआ था। इस साल यह दिन 2 सितंबर 2019 को पड़ रहा है। मान्यता के अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन दोपहर का समय पूजा अर्चना के लिए बड़ा ही शुभ माना जाता है ।  

अलग-अलग जगहों पर बप्पा के संदेश

लोग अपने-अपने तरीके से गणेश चतुर्थी को मना रहें हैं और लोगोंको संदेश भी दे रहे हैं। कहीं पानी बचाने का संदेश तो कहीं ट्रैफिक नियमों के पालन करने का संदेश लोगों को दिया जा रहा है। ऐसा ही एक संदेश गणपति बप्पा बेंगलुरु के लोगों को दे रहे हैं। यहां एक मंदिर में विराजे बप्पा लोगों को प्रकृति प्रेम का संदेश दे रहे हैं। यह संदेश देने का भी अनोखा अंदाज है कि बप्पा खुद भी ईकोफ्रेंडली हैं। दरअसल, बेंगलुरु के पुट्टेंगली मंदिर में इस बार भगवान गणेश और उनके वाहन मूषक की प्रतिमा नारियल से बनाई गई है।


बप्पा की यह 30 फीट ऊंची प्रतिमा बनाने में 9,000 नारियलों का उपयोग किया गया है। इसे बनाने के लिए 70 लोगों ने लगातार 20 दिनों तक मेहनत की है तब जाकर यह प्रतिमा तैयार हुई है। इस प्रतिमा में केवल नारियल ही नहीं बल्कि 20 प्रकार की अलग-अलग सब्जियों का भी उपयोग किया गया है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों को गणेश चतुर्थी की दी बधाई

गणपति बप्पा मौर्या! गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि भगवान गणेश के आशीर्वाद से सभी को सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त हो।

प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दी बधाई

सभी देशवासियों को पावन पर्व गणेश चतुर्थी की ढेर सारी शुभकामनाएं। गणपति बाप्पा मोरया!

उप-राष्ट्रपति ने दी बधाई

विनायक चतुर्थी के पावन अवसर पर देशवासियों के जीवन में शुभता, समृद्धि,स्वास्थ्य और संतोष की कामना करता हूं। लोकमान्य तिलक ने इस पर्व को राष्ट्रीयता और सामाजिक एकता के सांस्कृतिक पर्व के रूप में स्थापित किया था।उस आदर्श के प्रति सत्यनिष्ठ रहें।मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।